सोशल मीडिया के जरिये भारतीयों से ठगी करने वाला नाइजीरियाई गिरफ्तार
सोशल मीडिया के जरिये भारतीयों से ठगी करने वाला नाइजीरियाई गिरफ्तार
लखनऊ, 12 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने लखनऊ के एक व्यक्ति से 68 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह से कथित रूप से जुड़े 37 वर्षीय एक नाइजीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान न्वोगु ओबेद ओसिनाची के रूप में हुई है। उसे मंगलवार को दिल्ली के बुराड़ी स्थित कमल विहार के एक मकान से गिरफ्तार किया गया।
एसटीएफ के अनुसार, गिरोह के सदस्य विदेशी नागरिकों की पहचान का इस्तेमाल कर फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप पर फर्जी प्रोफाइल बनाते थे और भारतीय पुरुषों एवं महिलाओं से दोस्ती करते थे।
पीड़ितों को महंगे उपहार, डॉलर या पाउंड भेजने का झांसा दिया जाता था। बाद में उन्हें बताया जाता था कि उपहार या विदेशी मुद्रा हवाईअड्डे पर रोक ली गई है।
इसके बाद आरोपी कथित तौर पर खुद को सीमा शुल्क या आयकर अधिकारी बताकर उपहार अथवा विदेशी मुद्रा जारी कराने के लिए सीमा शुल्क, आयकर या जीएसटी के नाम पर पैसे की मांग करते थे।
एसटीएफ ने बताया कि मामले की जांच उस समय शुरू हुई जब लखनऊ के एक व्यक्ति से ‘डोरिस विलियम’ नाम से बनाए गए फर्जी फेसबुक प्रोफाइल के जरिए करीब 68 लाख रुपये की कथित ठगी की गई। प्रोफाइल में खुद को इंग्लैंड का निवासी बताया गया था।
पीड़ित को कथित तौर पर रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड (आरबीएस) का फर्जी प्रमाणपत्र भेजा गया और सीमा शुल्क, आयकर तथा जीएसटी के नाम पर उससे रकम वसूली गई। इस संबंध में लखनऊ के मड़ियांव थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
एसटीएफ ने बताया कि इस मामले में इससे पहले दो नाइजीरियाई नागरिकों-उचेनवा को 15 मई और ओबासे प्रॉस्पर को 18 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था।
पूछताछ के दौरान ओसिनाची ने कथित तौर पर एसटीएफ को बताया कि वह 2022 में कारोबार संबंधी वीजा पर भारत आया था, लेकिन उसी वर्ष वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद से दिल्ली में अवैध रूप से रह रहा था।
एसटीएफ ने आरोपी के हवाले से बताया कि दिल्ली में रहने वाले कुछ नाइजीरियाई युवकों ने उसे बताया था कि वे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अमेरिका और ब्रिटेन के नागरिकों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाते हैं। इसके बाद वे भारतीय पुरुषों और महिलाओं से दोस्ती कर उन्हें महंगे उपहार, डॉलर और पाउंड देने का झांसा देते हैं।
उसने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया कि गिरोह बाद में पीड़ितों से कहता था कि उनके उपहार या विदेशी मुद्रा हवाईअड्डे पर जब्त कर ली गई है और उन्हें छुड़ाने के लिए सीमा शुल्क तथा आयकर का भुगतान करना होगा।
एसटीएफ ने दावा किया कि पूछताछ के दौरान ओसिनाची ने स्वीकार किया कि उसने गिरोह के सदस्यों उचेनवा और प्रॉस्पर के साथ मिलकर लखनऊ के व्यक्ति से 68 लाख रुपये की ठगी की।
आरोपी ने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया कि उसके कुछ साथी अब भी दिल्ली से गिरोह का संचालन कर रहे हैं और फर्जी प्रोफाइल के जरिए भारतीयों को निशाना बना रहे हैं। उसने यह भी बताया कि गिरोह ठगी की रकम हासिल करने के लिए भारतीयों के बैंक खातों को कथित तौर पर किराये पर लेता था।
एसटीएफ ने बताया कि आरोपी के पास से 11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, चार एटीएम कार्ड और एक पासपोर्ट बरामद किया गया है। इसके अलावा फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाने और सीमा शुल्क अधिकारियों का रूप धारण करने के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए 34 स्क्रीनशॉट, तस्वीरें और वीडियो भी मिले हैं।
अधिकारियों ने बताया कि जांच से संकेत मिला है कि गिरोह ने कई राज्यों में लोगों को ठगी का शिकार बनाया हो सकता है। एजेंसी आरोपी द्वारा कथित रूप से इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट की जांच कर रही है तथा गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
ओसिनाची से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
एसटीएफ के अनुसार, आरोपी के खिलाफ मड़ियांव थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
भाषा
सं, सलीम रवि कांत

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