लोकतंत्र में लोगों की आवाज सुनी जानी चाहिए : अभिनेता अली फजल
लोकतंत्र में लोगों की आवाज सुनी जानी चाहिए : अभिनेता अली फजल
लखनऊ, 12 अगस्त (भाषा) अभिनेता अली फजल ने देश के कुछ हिस्सों में ‘जेन-जी’ के हालिया विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए बुधवार को कहा कि विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है और लोगों की आवाज सुनी जानी चाहिए।
फिल्म ‘मिर्जापुर’ के प्रचार के सिलसिले में अपने सह-कलाकारों दिव्येंदु शर्मा और जितेंद्र कुमार के साथ लखनऊ पहुंचे फजल से झारखंड में जारी और हाल ही में दिल्ली में हुए ‘जेन-जी’, युवाओं तथा छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बारे में पूछा गया था।
फजल ने कहा, ‘‘यह हर किसी का लोकतांत्रिक अधिकार है। यह एक स्वतंत्र और निष्पक्ष देश है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।’’
फजल ने कहा, ‘‘जो लोग ऐसा कर रहे हैं, हम उनके साथ हैं। लोकतंत्र में यह जरूरी है कि ऐसी गतिविधियां हों और आवाजें बुलंद हों। उन्हें देखा और सुना जाना चाहिए।’’
चार सितंबर को रिलीज होने वाली ‘मिर्जापुर’ इस फ्रेंचाइजी के बड़े पर्दे पर आने की शुरुआत है। इसमें अहम भूमिका निभाने वाले फजल ने कहा कि सफल वेब सीरीज पर फिल्म बनाना एक बड़ा प्रयोग है।
यह पूछे जाने पर कि लंबे समय तक किसी किरदार को निभाने से क्या अभिनेता पर निजी तौर पर असर पड़ता है, फजल ने कहा कि किरदार का कुछ हिस्सा अभिनेता के साथ रह जाता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह पेशेवर और निजी जिंदगी के बीच अंतर बनाए रखने की कोशिश करते हैं।
फजल ने लखनऊ के साथ अपने जुड़ाव के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि वह लगभग हर महीने शहर आते हैं और उनकी नानी यहीं रहती हैं।
फिल्म में मुन्ना भैया का किरदार निभाने वाले दिव्येंदु ने कहा कि यह फिल्म ‘मिर्जापुर’ के पहले सीजन से जुड़ी है। इसमें सीरीज की कुछ सामग्री शामिल है और साथ ही नए किरदार भी पेश किए गए हैं।
दोनों कलाकारों ने कहा कि फिल्म नए किरदारों और नए कथानक को पेश करने के बावजूद अपने मूल किरदारों और कहानी से जुड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि इसमें परिवार और भावनात्मक पहलुओं के साथ युवा पीढ़ी, गुस्सा, प्यार, एक्शन और बदले की भावना का मिश्रण देखने को मिलेगा।
भाषा
जय, सलीम रवि कांत

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