उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश से तबाही, 96 लोगों की मौत

उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश से तबाही, 96 लोगों की मौत

उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश से तबाही, 96 लोगों की मौत
Modified Date: May 14, 2026 / 09:32 pm IST
Published Date: May 14, 2026 9:32 pm IST

लखनऊ, 14 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और भारी बारिश के कारण पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए तथा मकानों को नुकसान पहुंचा, जिससे कम से कम 96 लोगों की मौत हो गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बेमौसम बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली गिरने से हुए नुकसान का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर प्रभावितों को राहत देने के निर्देश दिए हैं।

राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा बृहस्पतिवार सुबह ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट के अनुसार, 13 मई को खराब मौसम के कारण आंधी-तूफान, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने से प्रदेश में 89 लोगों की मौत हुई थी। बाद में विभिन्न जिलों से मिली रिपोर्ट के आधार पर मृतकों की संख्या बढ़कर 96 तक पहुंच गई।

बयान के अनुसार, इन घटनाओं में 53 लोग घायल हुए, 87 मकान क्षतिग्रस्त हुए और 114 मवेशियों की भी मौत हुई है।

मुख्यमंत्री ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को नुकसान का पूर्ण संवेदनशीलता के साथ सत्यापन कर 24 घंटे के भीतर प्रभावित परिवारों को सहायता राशि वितरित करने तथा उनसे सीधे संवाद कर आवश्यक मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार प्रयागराज में 24, भदोही में 16, फतेहपुर में नौ, बदायूं में पांच, प्रतापगढ़ में चार, चंदौली और कुशीनगर में दो-दो तथा सोनभद्र में एक व्यक्ति की मौत हुई है।

प्रयागराज जिला प्रशासन के अनुसार यहां बुधवार की घटनाओं में कुल 24 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। भदोही में 16 मौतें दर्ज की गई हैं।

फतेहपुर में अपर जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में नौ लोगों की मौत हुई है और 16 घायल हुए हैं। प्रतापगढ़ में आंधी-तूफान और बारिश के कारण चार लोगों की मौत हुई है।

कानपुर देहात में बिजली गिरने से एक युवती सहित दो लोगों की मौत हो गई, जबकि देवरिया में दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की जान गई। सोनभद्र में पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई।

अधिकारियों ने बताया कि कई स्थानों पर मकान, शेड और दीवारें गिरने से जनहानि हुई है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने, नुकसान का सर्वे कराने तथा राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों के माध्यम से शीघ्र आकलन कर शासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।

भाषा

सलीम जफर राजेंद्र रवि कांत


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