Action On Lucknow Coaching Centre Fire: लखनऊ अग्निकांड में बड़ा एक्शन, सरकार ने इन 4 अफसरों को किया सस्पेंड, बिल्डिंग मालिक समेत दो अन्य गिरफ्तार

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लखनऊ अग्निकांड में बड़ा एक्शन, सरकार ने इन 4 अफसरों को किया सस्पेंड, Action On Lucknow Coaching Centre Fire

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  • Publish Date - June 22, 2026 / 11:49 PM IST,
    Updated On - June 22, 2026 / 11:49 PM IST

लखनऊ: Action On Lucknow Coaching Centre Fire: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई। जबकि पांच लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस मामले को लेकर अब एक्शन भी शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चार लोगों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है। इनमें एक्सेन कलेक्शन जानकीपुरम गौरव कुमार, , FSSO इंदिरा नगर कमलेन्द्र कुमार सिंह, AE अनिल कुमार, JE प्रमोद पांडे शामिल है। वहीं पुलिस ने जांच के बाद हादसे के मुख्य आरोपी को हिरासत में लिया है। जांच के क्रम में पुलिस उससे घटनाक्रम के बाबत पूछताछ कर रही है। अभी मुख्य आरोपी के नाम का खुलासा नहीं किया गया है।

Action On Lucknow Coaching Centre Fire: इस हादसे के बाद सीएम योगी ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और इसकी सख्त जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने सोमवार देर शाम हादसे को लेकर हाईलेवल मीटिंग की थी। अग्निकांड की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। यह फैसला हादसे को लेकर की गई हाई लेवल रीव्यू मीटिंग के बाद लिया गया है। एसआईटी में अमृत अभिजात, अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, धर्मार्थ कार्य एवं संस्कृति विभाग) और प्रवीण कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी), लखनऊ जोन को सदस्य बनाया गया है। जांच दल को घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच कर जिम्मेदार व्यक्तियों और संस्थाओं की भूमिका तय करने का निर्देश दिया गया है।

राजनाथ सिंह बोले- दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) का दौरा किया। घायल हुए लोगों से मुलाकात की। घायलों से मुलाकात के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- जो घटना है वो बहुत ही दुखद है। दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं स्वयं मौके पर गया था, जहां पर ये घटना घटित हुई है। घायलों का प्रॉपर्ली ट्रीटमेंट चल रहा है। कुछ दो-तीन पेशेंट्स यहां पर बचे हुए हैं। मुख्यमंत्रीजी ने स्वयं भी कहा है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जहां रिस्पांसिबिलिटी फिक्स करने की जरुरत होगी तो रिस्पांसिबिलिटी भी फिक्स करेंगे। लेकिन ये पूरी तरह से जांच होने के बाद ही किसी तथ्य पर पहुंच पाएंगे।