जंतर-मंतर पर हो रहा आंदोलन ‘राष्ट्रद्रोहियों का प्रदर्शन’ है : मंत्री उपाध्याय
जंतर-मंतर पर हो रहा आंदोलन ‘राष्ट्रद्रोहियों का प्रदर्शन’ है : मंत्री उपाध्याय
लखनऊ, 21 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने दिल्ली के जंतर-मंतर इलाके में जारी आंदोलन को ‘राष्ट्रद्रोहियों का प्रदर्शन’ करार दिया है।
उपाध्याय ने सोमवार को एक समाचार चैनल से बातचीत में प्रश्नपत्र लीक तथा अन्य मुद्दों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर किये जा रहे कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के आंदोलन को ‘राष्ट्रद्रोहियों का प्रदर्शन’ करार देते हुए कहा कि इस प्रदर्शन के पीछे राष्ट्रद्रोहियों का हाथ है।
उपाध्याय से जब सवाल किया गया कि क्या वह जंतर-मंतर पर आमरण अनशन शुरू करने और हाल ही में पुलिस द्वारा अस्पताल में भर्ती कराये गये सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को भी राष्ट्रद्रोही कह रहे हैं?
इस सवाल के जवाब में उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘बिल्कुल हैं। किसके लिये वह कर रहा है प्रदर्शन? किस बात के लिये कर रहा है?’’
इस सवाल पर कि क्या केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा नहीं दे देना चाहिये, उन्होंने कहा, ‘‘अगर केंद्रीय मंत्री इस्तीफा दे देते तो वे (प्रश्नपत्र लीक) के दोषी बच जाते। मंत्री का तो दोष था नहीं, उस अफसर का दोष था। केंद्रीय मंत्री इस्तीफा देते तो वे दोषी अफसर बच जाते…. उनके बच निकलने का रास्ता साफ हो जाता।’’
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने प्रश्नपत्र लीक तथा युवाओं के अन्य मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर गत 28 जून को अनशन शुरू किया था लेकिन तबीयत बिगड़ने पर प्रशासन ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अधिकारियों के मुताबिक वांगचुक को मंगलवार शाम सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में आगे के इलाज के लिए गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।
नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन सोमवार को हजारों युवा और आक्रोशित लोग संसद के पास जमा हुए, लेकिन पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों ने लाठीचार्ज कर और आंसू गैस के गोले छोड़कर उन्हें रोकने की कोशिश की।
कॉजपा की अगुवाई में शुरू किया गया यह विरोध-प्रदर्शन वांगचुक और वामपंथी संगठन आइसा से जुड़े छात्रों के एक समूह के भूख हड़ताल में शामिल होने के बाद और तेज हो गया।
वांगचुक के साथ 28 जून से अनशन पर बैठे तीन छात्रों नेहा, मनीष और अमीन ने सोमवार को 23वें दिन अपनी भूख हड़ताल समाप्त की।
भाषा अरुणव सलीम धीरज
धीरज

Facebook


