कृषि केवल खेत और हल की नहीं, बल्कि ड्रोन, डेटा,एआई, जैव-प्रौद्योगिकी और उद्यमिता की भी कहानी: पटेल

कृषि केवल खेत और हल की नहीं, बल्कि ड्रोन, डेटा,एआई, जैव-प्रौद्योगिकी और उद्यमिता की भी कहानी: पटेल

कृषि केवल खेत और हल की नहीं, बल्कि ड्रोन, डेटा,एआई, जैव-प्रौद्योगिकी और उद्यमिता की भी कहानी: पटेल
Modified Date: August 10, 2026 / 08:30 pm IST
Published Date: August 10, 2026 8:30 pm IST

लखनऊ, 10 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को कहा कि आज कृषि केवल हल और खेत की कहानी नहीं है, बल्कि ड्रोन, डेटा, कृत्रिम मेधा (एआई), जैव-प्रौद्योगिकी और उद्यमिता की भी कहानी है।

वह अयोध्या के आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के 28वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रही थीं।

जन भवन से जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक उन्होंने कहा, “आने वाले समय में विश्वविद्यालय का कोई विद्यार्थी ऐसा कृषि-उद्यम शुरू कर सकता है, जो हजारों किसानों को बाजार से जोड़े, कोई ऐसा ऐप बना सकता है, जो किसान को उसकी फसल, मौसम और बाजार की जानकारी उपलब्ध कराए अथवा कोई ऐसा स्टार्टअप स्थापित कर सकता है, जो कम पानी में अधिक उत्पादन की तकनीक विकसित करे।”

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय में अर्जित वैज्ञानिक एवं तकनीकी ज्ञान को अब विद्यार्थी खेतों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि उनके ज्ञान और किसानों के अनुभव का समन्वय कृषि क्षेत्र में नई क्रांति का आधार बनेगा।

पटेल ने कहा कि विद्यार्थियों का ज्ञान केवल प्रयोगशालाओं और पुस्तकों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव के खेतों में दिखाई दे। उन्होंने कहा कि उनकी प्रतिभा केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम न बने, बल्कि किसानों की समृद्धि और ग्रामीण भारत की खुशहाली का आधार बने।

बयान के मुताबिक इस दीक्षांत समारोह में कुल 774 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 584 छात्र एवं 190 छात्राएं थीं।

राज्यपाल ने कहा कि जब बेटियां शिक्षा के अन्य क्षेत्रों में निरंतर आगे बढ़ रही हैं, तो कृषि शिक्षा में उनकी भागीदारी अपेक्षाकृत कम क्यों है, इस पर विश्वविद्यालय को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस कमी को दूर करने के लिए विश्वविद्यालय को विशेष प्रयास करने होंगे और अधिक से अधिक बेटियों को कृषि शिक्षा से जोड़ने की दिशा में कार्य करना होगा।

पटेल ने कहा कि आज देश में ‘ड्रोन दीदी’ जैसी पहल ग्रामीण बेटियों और महिलाओं को नई पहचान और नए अवसर प्रदान कर रही है।

राज्यपाल ने कहा कि जो बेटियां कल तक खेत की मेड़ पर खड़े होकर अपने परिवार को खेती करते देखती थीं, वही आज ड्रोन उड़ाकर खेतों में उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव कर रही हैं।

मुख्य अतिथि भारत सरकार के कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने कहा कि दीक्षोत्सव विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और ज्ञानार्जन का उत्सव है तथा उनके जीवन के नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से रोजगार खोजने के साथ-साथ रोजगार सृजक बनने का आह्वान किया।

दीक्षांत समारोह के विशिष्ट अतिथि कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि कृषि समृद्ध होगी तो गांव समृद्ध होगा, गांव समृद्ध होगा तो प्रदेश समृद्ध होगा और प्रदेश के समृद्ध होने से विकसित भारत का सपना साकार होगा। विश्‍वविद्यालय के कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों एवं आगामी प्राथमिकताओं का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

एक अन्‍य बयान के अनुसार आनंदीबेन पटेल ने आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के 28वें दीक्षोत्सव के अवसर पर कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे प्रगतिशील कृषकों एवं उद्यमियों को सम्मानित किया।

भाषा आनन्द

राजकुमार

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