10 साल से सत्तारूढ़ भाजपा उपलब्धियां बताने की बजाय विज्ञापनों से कमियां छिपा रही है: आकाश आनन्द
10 साल से सत्तारूढ़ भाजपा उपलब्धियां बताने की बजाय विज्ञापनों से कमियां छिपा रही है: आकाश आनन्द
हाथरस (उप्र), 10 अगस्त (भाषा) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनन्द ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर रोजगार, शिक्षा और कानून-व्यवस्था के मामले में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों से वह सत्ता में है, लेकिन अपनी उपलब्धियां बताने की बजाय विज्ञापनों के जरिए अपनी कमियों को छिपा रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने अपनी कमियों को छिपाने के लिए पिछले दस सालों में विज्ञापनों पर 7,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा खर्च किए हैं।
आकाश आनन्द हाथरस के सादाबाद विधानसभा क्षेत्र में सोमवार को पार्टी के प्रभारी (भावी) प्रत्याशी अविन शर्मा के समर्थन में बसपा के विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
आनन्द ने कहा कि विधानसभा चुनाव नज़दीक हैं, इसलिए सरकार से पिछले 10 सालों के कामकाज के बारे में सवाल पूछा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में चार लाख से ज़्यादा सरकारी पद खाली पड़े हैं, जबकि कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं।
विज्ञापनों पर हुए कथित खर्च का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘अगर यह पैसा युवाओं की परीक्षाओं और रोजगार पर खर्च किया गया होता, तो बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी नौकरी मिल सकती थी।’
उन्होंने कहा कि ‘विकसित, शिक्षित और सुरक्षित उत्तर प्रदेश’ के नाम पर विज्ञापन किए गए और जनता के कर के पैसे का इस्तेमाल सरकार की नाकामियों को ढकने के लिए किया गया।
उन्होंने रोजगार, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और सरकारी खर्च को लेकर कई सवाल खड़े किए।
उन्होंने सरकार के रोजगार के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि हफ्ते में एक बार स्नैक बेचने या सड़क किनारे स्टॉल चलाने वाले लोगों को भी रोजगार शुदा माना जाता है। उन्होंने विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए।
आकाश ने दावा किया कि राज्य में 25 हजार से ज्यादा स्कूल बंद किए गए हैं।
उन्होंने विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का भी जिक्र किया और दावा किया कि एक्सप्रेसवे कई स्थानों पर धंस गया है।
बसपा नेता ने योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना करते हुए यमुना एक्सप्रेस वे की गुणवत्ता का भी ज़िक्र किया, जिसे मायावती के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए बनाया गया था।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर उन्होंने अपराध और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार के रिकॉर्ड पर सवाल उठाए और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ होने के दावे पर तंज कसा।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को ‘अंकल’ कहकर संबोधित किया।
सपा प्रमुख को ‘अंकल’ कहने के बाद, उन्होंने कहा, ‘‘मैं 30 साल का हूं, वह 50 साल के हैं, तो मैं उन्हें और क्या कहूं। वह मेरे लिए ‘भैया’ नहीं, बल्कि ‘अंकल’ हैं, और मैं यह बात सम्मान के साथ कह रहा हूं।’’
कांग्रेस पार्टी और उसके नेता राहुल गांधी की आलोचना करते हुए बसपा संयोजक ने कहा कि वह बाबा साहब के संविधान को दिखाकर उनकी बात तो करते हैं लेकिन जिन राज्यों में उनकी सरकार चल रही है वहां वह वैसा ही काम कर रहे हैं जैसा भाजपा की सरकार कर रही हैं।
उन्होंने अखिलेश यादव की आलोचना करते हुए कहा कि उनका पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) कभी कुछ और हो जाता है तो कभी कुछ और।
मायावती के भतीजे आनन्द ने दिल्ली और दूसरी जगहों पर छात्रों और युवाओं के हालिया विरोध-प्रदर्शनों का ज़िक्र करते हुए, कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग करने वाले आंदोलन के नेताओं को वह गलत नहीं मानते, लेकिन सिर्फ़ भाषण देने और विरोध-प्रदर्शन करने से सरकार नहीं बदलेगी।
उन्होंने कहा,‘‘वे एक व्यक्ति को हटाकर दूसरे को ले आए, लेकिन न तो नीति बदली, न ही प्रक्रिया और न ही अधिकारी। आपका भविष्य अब भी वैसा ही है।’
बसपा नेता ने कहा, ‘‘अगर आप सच में व्यवस्था को ठीक करना चाहते हैं, तो आपको सरकार और (सत्तारूढ़) लोगों को बदलना होगा।’’
सादाबाद सम्मेलन का आयोजन बसपा की ओर से आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत किया गया था।
भाषा सं आनन्द
राजकुमार
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