निर्वाचन आयोग के ‘घोटाले’ में मुख्यमंत्री, पूरी भाजपा शामिल: अखिलेश यादव

निर्वाचन आयोग के ‘घोटाले’ में मुख्यमंत्री, पूरी भाजपा शामिल: अखिलेश यादव

निर्वाचन आयोग के ‘घोटाले’ में मुख्यमंत्री, पूरी भाजपा शामिल: अखिलेश यादव
Modified Date: September 27, 2026 / 07:38 pm IST
Published Date: September 27, 2026 7:38 pm IST

लखनऊ, 27 सितंबर (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को निर्वाचन आयोग पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) समेत चुनावों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अगर आयोग के पक्ष में बोल रहे हैं तो खुद वह और पूरी भाजपा “घोटाले में शामिल” है।

उप्र के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने रविवार सुबह एक संवाददाता सम्मेलन में निर्वाचन आयोग और मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) समेत अन्य विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं।

मुख्‍यमंत्री की पत्रकार वार्ता के कुछ घंटे बाद ही सपा प्रमुख यादव ने पार्टी के राज्य मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में निर्वाचन आयोग पर कई गंभीर आरोप लगाये। उन्‍होंने सुलतानपुर के नंदलाल निषाद का उदाहरण देते हुए कहा कि वह हस्ताक्षर करना नहीं जानते थे, लेकिन निर्वाचन आयोग के फार्म-7 (मतदाता का नाम हटाने की प्रक्रिया) में उनका हस्ताक्षर वाला फार्म भरा गया।

अखिलेश यादव ने दावा किया कि सपा के विरोध के बाद उप्र में फार्म-7 बंद हो गया और अब मुख्यमंत्री अगर निर्वाचन आयोग के पक्ष में बोल रहे हैं तो खुद वह घोटाले में शामिल हैं और इसमें पूरी भाजपा शामिल है।

सपा प्रमुख ने कहा, “निर्वाचन आयोग अपनी साख बचाए और किसी के इशारे पर काम न करे। हमारे लोग शिकायत करते रहे लेकिन आयोग ने किसी पर कार्रवाई नहीं की। अगर निर्वाचन आयोग ने कार्रवाई की होती तो उसकी साख बच जाती।”

उन्‍होंने 2022 के विधानसभा चुनावों में बेईमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा ने गड़बड़ियों पर ध्‍यान दिया तो 2024 के लोकसभा चुनावों में उप्र में हमारी जीत हुई। उन्‍होंने आयोग पर सपा के समर्थकों का नाम मतदाता सूची से काटने का भी आरोप लगाया।

यादव ने इस मौके पर एक वीडियो दिखाया जिसमें, गोरखपुर के भाजपा सांसद रवि किशन को गोरखपुर को स्मार्ट, हाईटेक बताते सुना जा सकता है। वीडियो में हालांकि शहर में जलभराव देखा जा सकता है। इसे लेकर मुख्‍यमंत्री पर तंज कसते हुए उन्‍होंने कहा, “कम से कम दूसरी जगहों से प्रेरणा लेनी चाहिए, सैफई के बारे में क्या नहीं बोलते हैं, सैफई (सपा प्रमुख के पैतृक गांव) से ही प्रेरणा लेते तो 10 वर्ष में पूरे प्रदेश की तस्वीर बदल जाती।”

उन्‍होंने कहा, “जो मुख्यमंत्री अपने शहर, अपने गांव का काम नहीं कर सकते, उनसे पूरे प्रदेश में उम्मीद नहीं की जा सकती है।”

उन्होंने सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव द्वारा शुरू किये गये ‘यश भारती पुरस्कार’ बंद करने के भाजपा सरकार के फैसले की भी आलोचना की और घोषणा की कि अगर उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में सत्ता में लौटती है, तो “पुरस्कार राशि 11 लाख रुपये से बढ़ाकर 21 लाख रुपये कर दी जाएगी। साथ ही, 50,000 रुपये की मासिक सम्मान राशि को बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया जाएगा।”

यादव ने कहा कि सपा सरकार खेलों और खिलाड़ियों के कल्याण पर भी ध्यान देगी।

पत्रकार वार्ता में कुछ खिलाड़ियों ने खेल बजट समेत अन्‍य मामलों में सुझाव दिए और अपनी मांग रखी। अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी का जब चुनावी घोषणा पत्र बनेगा तो खेल से संबंधित कई बिंदु उसमें शामिल किये जाएंगे।

इस मौके पर यादव ने राज्य के कई प्रमुख खिलाड़ियों, पर्वतारोही और पहलवानों को सम्मानित किया।

भाषा आनन्द

प्रशांत

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