लखनऊ, पांच सितंबर (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को राज्य में कथित तौर पर प्राथमिक स्कूल बंद किए जाने को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, “अगर बंद स्कूल फिर से खुलेंगे तो पीडीए पढ़ेगा।”
शिक्षक दिवस के अवसर पर यादव ने कहा कि पार्टी ने उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार द्वारा बंद किए गए 26,000 प्राथमिक स्कूलों के पास “पाठशाला पुकारे” कार्यक्रम आयोजित किया।
यादव ने कहा, “इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना है कि अगर बंद स्कूल फिर से खुलेंगे तो पीडीए पढ़ेगा।”
समाजवादी पार्टी के अनुसार पीडीए का अर्थ पिछड़े वर्ग, दलित और अल्पसंख्यक है।
यादव ने कहा कि शिक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए क्योंकि इससे शोषित, वंचित और गरीब वर्गों में सामाजिक व राजनीतिक जागरूकता आएगी।
उन्होंने कहा कि ऐसी जागरूकता विशेषाधिकार प्राप्त वर्गों के प्रभुत्व को चुनौती देगी, भेदभाव खत्म करेगी और समानता को बढ़ावा देगी।
उन्होंने कहा कि इससे समानता पर आधारित सामाजिक न्याय की व्यवस्था स्थापित करने में मदद मिलेगी, सौहार्दपूर्ण माहौल बनेगा और पार्टी के “बंधुत्व आधारित राष्ट्र” के संकल्प को पूरा किया जा सकेगा।
पार्टी के एक बयान के अनुसार, पूरे राज्य में प्राथमिक स्कूलों के पास आयोजित “पाठशाला पुकारे” कार्यक्रमों में सपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने हिस्सा लिया। यादव ने 31 अगस्त को पार्टी के जिला और शहर अध्यक्षों तथा संगठनात्मक इकाइयों के पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद इस कार्यक्रम की घोषणा की थी।
लखनऊ में सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने हजरतगंज-नरही वार्ड में राजकीय इंटर कॉलेज नरही और प्राथमिक विद्यालय नरही के बाहर “पाठशाला पुकारे” कार्यक्रम का नेतृत्व किया।
इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने दोनों स्कूलों को बंद किए जाने का विरोध किया।
इस कार्यक्रम के तहत “पीडीए पाठशाला” का भी आयोजन किया गया।
मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के दौरान स्कूल बंद किए जाने से गरीब, पिछड़े, दलित और वंचित समुदायों के बच्चों के शिक्षा के अधिकार पर असर पड़ा है।
उन्होंने कहा कि अगर 2027 में सपा की सरकार बनी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने तो सभी 26,000 स्कूलों को फिर से खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि सपा सरकार ‘किंडरगार्टन’ से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक के छात्रों को मुफ्त शिक्षा देने के लिए काम करेगी, ताकि आर्थिक परेशानियों के कारण कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
भाषा आनन्द जोहेब
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