Ban on private borewell drilling: राजधानी में प्राइवेट बोरिंग कराने पर लगी पाबंदी!.. अब इजाजत से पहले देना होगा शपथपत्र.. घर आएंगे सब-इंजीनियर

Ads

नगर निगम के अनुसार, घरेलू उपयोग के लिए डीप बोरिंग की अधिकतम गहराई संबंधित क्षेत्र के भूगर्भ जलस्तर के आधार पर तय की जाएगी। बोरिंग कराने के बाद रिंग मशीन संचालक को बोरिंग की गहराई और जलस्तर की जानकारी देनी होगी। अनुमति मिलने के बाद 15 दिनों के अंदर बोरिंग कराना अनिवार्य होगा।

  •  
  • Publish Date - September 5, 2026 / 07:22 PM IST,
    Updated On - September 5, 2026 / 07:25 PM IST

Ban on private borewell drilling in Ranchi || Image- Tradeindia File

HIGHLIGHTS
  • रांची में घरेलू बोरिंग के लिए अनुमति जरूरी।
  • रेन वाटर हार्वेस्टिंग की जांच होगी।
  • आवेदक को शपथपत्र देना होगा।

Ban on private borewell drilling in Ranchi: रांची: झारखंड की राजधानी रांची में अब घरों में बोरिंग या बोरवेल कराना आसान नहीं होगा। रांची नगर निगम ने भूगर्भ जलस्तर में लगातार गिरावट और गर्मी के दौरान होने वाले जल संकट को देखते हुए बोरिंग के लिए नए नियम जारी किए हैं। नए नियमों के मुताबिक, रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था के बिना घरेलू बोरिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े

अधिकारी लेंगे जायजा, फिर मिलेगी इजाजत

नगर निगम के आदेश के अनुसार, घरेलू उपभोक्ता या भवन मालिक अधिकतम 4 इंच की बोरिंग ही करा सकेंगे। इसके लिए नगर निगम से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अनुमति देने से पहले निगम के कनीय अभियंता या सहायक अभियंता द्वारा रेन वाटर हार्वेस्टिंग की स्थल जांच की जाएगी। जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर ही बोरिंग की अनुमति दी जाएगी।

Ban on private borewell drilling in Ranchi: बोरिंग की अनुमति लेने वाले आवेदक को शपथ पत्र भी देना होगा। इसमें यह स्पष्ट करना होगा कि बोरिंग निजी भूमि पर कराई जाएगी। जमीन से संबंधित किसी भी विवाद की जिम्मेदारी आवेदक की होगी। इसके अलावा आसपास के निजी परिसर या सार्वजनिक संपत्ति को होने वाले किसी भी नुकसान की पूरी जिम्मेदारी भी भवन मालिक की होगी। आवेदक को यह भी घोषित करना होगा कि बोरिंग से प्राप्त पानी का इस्तेमाल पेयजल या घरेलू कार्यों के लिए किया जाएगा। किसी भी परिस्थिति में सरकारी जमीन, सड़क, नदी या नाले पर बोरिंग नहीं कराई जा सकेगी।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें

बोरिंग की गहराई भूजल स्तर पर निर्भर करेगी

नगर निगम के अनुसार, घरेलू उपयोग के लिए डीप बोरिंग की अधिकतम गहराई संबंधित क्षेत्र के भूगर्भ जलस्तर के आधार पर तय की जाएगी। बोरिंग कराने के बाद रिंग मशीन संचालक को बोरिंग की गहराई और जलस्तर की जानकारी देनी होगी। अनुमति मिलने के बाद 15 दिनों के अंदर बोरिंग कराना अनिवार्य होगा। निर्धारित अवधि में बोरिंग नहीं कराने पर अनुमति स्वतः रद्द हो जाएगी। विशेष परिस्थिति में ही 15 दिन के बाद बोरिंग की अनुमति दी जा सकेगी।

इन्हें भी पढ़ें:

महिला जूनियर एशिया कप के पहले मुकाबले में भारत ने दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराया

शिक्षक दिवस पर अपने स्कूल पहुंचे भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, छात्र जीवन को याद किया

भारी बारिश के बीच पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर ‘बाढ़ के सर्वोच्च बिंदु’ के पार पहुंचा

सोनभद्र में आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने के आरोप में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया

नेपाल त्रासदी : जल विद्युत परियोजना की सुरंग से एक चीनी नागरिक को बचाया गया

Q1. रांची में बोरिंग कराने के लिए क्या जरूरी है?

घरेलू बोरिंग के लिए नगर निगम की पूर्व अनुमति और रेन वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था जरूरी है।

Q2. घरेलू बोरिंग की अधिकतम चौड़ाई कितनी होगी?

नगर निगम के नियमों के अनुसार घरेलू उपभोक्ता अधिकतम चार इंच की बोरिंग करा सकेंगे।

Q3. बोरिंग की अनुमति मिलने के बाद कितने दिन में काम करना होगा?

अनुमति मिलने के 15 दिनों के भीतर बोरिंग कराना अनिवार्य होगा, अन्यथा अनुमति रद्द होगी।