Yogi Government Child Safety News / Image Source : FILE
Yogi Government Child Safety News: लखनऊ: बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और सुरक्षित भविष्य को लेकर योगी सरकार की संवेदनशीलता का असर बाल हेल्पलाइन के आंकड़ों में स्पष्ट रूप से सामने आया है। 7 महीने में बाल हेल्पलाइन (1098) पर बच्चों के गुम होने से संबंधित करीब 20,500 मामले सामने आए, जिनमें 18,123 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। गुमशुदा बच्चों की तलाश, उनकी सुरक्षित बरामदगी और परिवार से पुनर्मिलन के लिए प्रदेश का बाल संरक्षण तंत्र लगातार सक्रियता से काम कर रहा है। संकट में फंसे बच्चों तक समय पर सहायता पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित उनके परिवार तक वापस पहुंचाने के लिए सरकार ने एक संवेदनशील और जवाबदेह व्यवस्था विकसित की है।
बाल हेल्पलाइन के आंकड़ों के अनुसार,1 जनवरी से 1 अगस्त 2026 तक बच्चों से संबंधित कुल 58,293 मामले प्राप्त हुए, जिनमें 50,589 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या गुमशुदा बच्चों से संबंधित मामलों की रही। वहीं 9,146 बच्चों के मिलने से जुड़े मामले भी हेल्पलाइन तक पहुंचे, जिनमें 8,419 मामलों का समाधान किया गया। (Yogi Government Child Safety News) योगी सरकार की प्राथमिकताओं में बच्चों की सुरक्षा और उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रमुख रूप से शामिल है। इसी सोच के तहत हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं को संबंधित स्तर तक पहुंचाने के साथ मामलों की प्रगति पर भी नजर रखी जा रही है।
Yogi Government Child Safety News: गुमशुदगी के मामलों में बड़ी संख्या में निस्तारण होना उन परिवारों के लिए बड़ी राहत है, जिनके बच्चे किसी कारण से उनसे बिछड़ गए। बाल संरक्षण तंत्र बच्चों की तलाश के साथ उनकी सुरक्षा और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दे रहा है। बच्चों के मिलने के बाद उन्हें परिवार तक सुरक्षित पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग एवं पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाती है।
महिला कल्याण विभाग की निदेशक सी. इंदुमति ने बताया कि प्रदेश सरकार बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। गुमशुदा बच्चों से संबंधित प्रत्येक सूचना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जाती है। बच्चों की तलाश के साथ उनकी सुरक्षित वापसी, परिवार से पुनर्मिलन तथा जरूरत के अनुसार काउंसलिंग और पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। (Yogi Government Child Safety News) बाल हेल्पलाइन पर केवल गुमशुदगी ही नहीं, बल्कि अन्य समस्याओं से जुड़े मामले भी सामने आते हैं। इन पर भी संबंधित विभागों और संस्थाओं के समन्वय से कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में हेल्पलाइन बच्चों की समस्याओं को सुनने और उन्हें समाधान तक पहुंचाने के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में काम कर रही है।
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