लखनऊ, 29 जनवरी (भाषा) समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों पर उच्चतम न्यायालय द्वारा रोक लगाने के फैसले का स्वागत किया और कहा कि सच्चा न्याय यह सुनिश्चित करने में है कि किसी पर भी अत्याचार या अन्याय न हो।
यादव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘सच्चा न्याय किसी के साथ अन्याय नहीं होता है, माननीय न्यायालय यही सुनिश्चित करता है। कानून की भाषा भी साफ होनी चाहिए और भाव भी। बात सिर्फ़ नियम नहीं, नीयत की भी होती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘न किसी का उत्पीड़न हो, न किसी के साथ अन्याय, न किसी पर जुल्म-ज्यादती हो, न किसी के साथ नाइंसाफ़ी।’’
इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के हालिया नियमों के खिलाफ दायर कई याचिकाओं पर बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए इस पर रोक लगा दी।
इन याचिकाओं में दलील दी गई थी कि आयोग ने जाति-आधारित भेदभाव की गैर-समावेशी परिभाषा अपनाई है और कुछ श्रेणियों को संस्थागत संरक्षण से बाहर रखा है।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने विनियमन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर केंद्र और यूजीसी को नोटिस जारी किए।
उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव संबंधी शिकायतों की जांच करने और समानता को बढ़ावा देने के लिए सभी संस्थानों द्वारा ‘‘समानता समितियां’’ गठित करने को अनिवार्य बनाने संबंधी नए नियम 13 जनवरी को अधिसूचित किए गए थे।
भाषा जफर शफीक
शफीक