UP Varanasi News: शहर के बाहर लगेगी मांस-मटन की दुकानें, नगर निगम की बैठक में इस वजह से लिया गया फैसला
UP Varanasi News: वाराणसी नगर निगम ने अब मांस और मछली की सभी दुकानें शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित करने का फैसला किया है।
UP Varanasi News/Image Credit: AI
- वाराणसी नगर निगम ने शहर को व्यवस्थित और स्वच्छ रखने की दिशा उठाया बड़ा कदम।
- नगर निगम ने मांस और मछली की सभी दुकानें शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित करने का फैसला किया।
- सदन की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई।
UP Varanasi News: वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी नगर निगम ने शहर को व्यवस्थित और स्वच्छ रखने की दिशा में कदम उठाते हुए अब मांस और मछली की सभी दुकानें शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित करने का फैसला किया है। नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने रविवार को बताया कि महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में शनिवार को मैदागिन स्थित टाउन हॉल भवन में आयोजित सदन की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। (UP Varanasi News)
बैठक में इन बातों पर हुई चर्चा
संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि बैठक में शहर के विकास पर विस्तृत चर्चा हुई जिसमें मांस के बाजारों को शहर के बाहरी छोर पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सदन को बताया कि इस योजना के प्रथम चरण में पांच स्थानों का चयन किया जा चुका है और यह सभी स्थान शहर की बाहरी सीमाओं के करीब स्थित है जिससे आम जनता को कोई असुविधा न हो। (UP Varanasi News) उन्होंने बताया कि योजना के तहत आगामी दिनों में शहर के भीतर संचालित मांस की दुकानों को रामनगर, शुजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाएगा।
मुस्लिम धर्मगुरु ने कर दी ये मांग
वाराणसी नगर निगम के मीट और मछली की दुकानों को शहर के बाहर शिफ्ट करने के फ़ैसले पर मुस्लिम धर्मगुरु सैयद सैफ अब्बास नकवी ने कहा कि, “मैं एक कदम आगे बढ़कर कहूंगा कि जहां भी तीर्थ स्थल हैं, वहां मीट और मछली पर पाबंदी की तरह ही शराब की दुकानों को भी हटा दिया जाना चाहिए, उन्हें शहर के बाहर शिफ्ट किया जाना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा की, “हर किसी को किसी भी समुदाय के पूजा स्थलों और तीर्थ स्थलों का सम्मान करना चाहिए। जहां तक मीट, मछली, चिकन या नॉन-वेज खाने की बात है, तो इस मुद्दे को सिर्फ़ मुसलमानों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए; अगर आप पूरे भारत को देखें, तो मुसलमान आबादी का लगभग 20% हैं। अगर हर मुसलमान मीट खाता भी है, तो भी यह नॉन-वेज खाने वालों का सिर्फ़ 20% ही होगा। हालांकि, आंकड़े बताते हैं कि 50-60% लोग मीट खाते हैं। इसका मतलब है कि दूसरे समुदायों के 30-35% लोग भी मीट खाते हैं।”
#WATCH | Lucknow, UP: On Varanasi Municipal Corporation decision to shift meat & fish shops outside the city, Muslim Cleric Syed Saif Abbas Naqvi says, “I would go a step further and say that wherever there are pilgrimage sites, just as restrictions are placed on meat and fish,… https://t.co/qU3irOUuyf pic.twitter.com/FJBvJnP7wm
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) June 7, 2026
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