लखीमपुर खीरी में एक और बाघ की मौत, एक सप्ताह में दूसरा मामला

लखीमपुर खीरी में एक और बाघ की मौत, एक सप्ताह में दूसरा मामला

लखीमपुर खीरी में एक और बाघ की मौत, एक सप्ताह में दूसरा मामला
Modified Date: June 30, 2026 / 09:49 am IST
Published Date: June 30, 2026 9:49 am IST

लखीमपुर खीरी (उप्र), 30 जून (भाषा) लखीमपुर खीरी दक्षिणी वन प्रभाग में सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात एक अन्य बाघ की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि बाघ पहले से ही गंभीर रूप से घायल था और चल-फिर पाने की स्थिति में नहीं था।

उन्होंने बताया कि सोमवार शाम उस बाघ ने उदयपुरा गांव के 55 वर्षीय काली चरण पर उस समय हमला कर दिया, जब वह मवेशी चराते हुए उसके करीब पहुंच गए थे। हालांकि, काली चरण इस हमले में बच गए और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई।

दक्षिणी खीरी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) तापस मिहिर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि काली चरण का लखनऊ मेडिकल कॉलेज में उपचार किया जा रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर है।

डीएफओ ने बताया कि हमले के तुरंत बाद वह मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके में सघन तलाशी एवं निगरानी अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान घायल बाघ हमले वाली जगह से लगभग 100 मीटर दूर गंभीर अवस्था में मिला।

उन्होंने बताया कि बाघ की नाजुक हालत को देखते हुए उसके उपचार के लिए कानपुर चिड़ियाघर के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. नासिर को बुलाया गया। हालांकि, बचाने के सभी प्रयासों के बावजूद बाघ की देर रात मौत हो गई।

डीएफओ ने बताया कि मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए बाघ को पोस्टमार्टम के वास्ते भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), बरेली ले जाया गया है।

एक सप्ताह के भीतर बाघ की मौत का यह दूसरा मामला है, जबकि इस साल की शुरुआत से अब तक जिले में बाघों की मौत का यह चौथा मामला है।

इससे पहले, एक अप्रैल को दुधवा बफर जोन की मैलानी रेंज के मोहरेना बीट में तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से एक बाघिन की मौत हो गई थी। इसके बाद छह मई को दुधवा बफर जोन की मझगईं रेंज में प्रजनन के दौरान हुए संघर्ष में एक बाघिन की जान चली गई। वहीं, 23 जून को इसी रेंज में चार वर्ष की एक अन्य बाघिन की ट्रैंक्विलाइज (बेहोश) किए जाने के कुछ घंटों बाद मौत हो गई थी।

भाषा सं आनन्द

शोभना खारी

खारी


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