पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में अनुचर की ‘‘जहर खाने’’ के बाद मौत, तीन अज्ञात कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी

Ads

पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में अनुचर की ‘‘जहर खाने’’ के बाद मौत, तीन अज्ञात कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी

  •  
  • Publish Date - July 16, 2026 / 10:56 PM IST,
    Updated On - July 16, 2026 / 10:56 PM IST

सीतापुर (उप्र), 16 जुलाई (भाषा) सीतापुर स्थित सशस्त्र पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (एपीटीसी) में तैनात एक अनुचर (फॉलोअर) की कथित रूप से जहर खाने के बाद हुई मौत के मामले में केंद्र के तीन अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि एपीटीसी में तैनात अनुचर शैलेंद्र पाल (25) ने मंगलवार को कथित तौर पर जहर खा लिया था और इलाज के लिए लखनऊ ले जाते समय उसकी मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि पाल की पत्नी सरिता पाल ने आरोप लगाया कि 25 जून को एपीटीसी के एक अधिकारी के आवास से नकदी और कुछ सामान गायब होने के बाद कमांडेंट शगुन गौतम समेत केंद्र के अधिकारियों ने उसके पति को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया था।

सरिता के अनुसार, शैलेंद्र कमांडेंट के आवास पर खाना बनाता था और अन्य घरेलू काम करता था।

उसने आरोप लगाया कि सादे कपड़ों में आए दो पुलिसकर्मी चोरी के संदेह में उसे अपने साथ ले गए और कथित तौर पर दो दिन तक गैरकानूनी हिरासत में रखकर उससे पूछताछ और मारपीट की।

सरिता ने आरोप लगाया कि रिहाई के बाद भी शैलेंद्र को रोज कमांडेंट के आवास पर बुलाया जाता था और उत्पीड़न के बारे में किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती थी। उसने दावा किया कि लगातार उत्पीड़न से परेशान होकर शैलेंद्र ने जहर खा लिया।

मृतक के पिता रामनाथ पाल, भाई प्रदीप पाल और बहन संगीता पाल ने कथित रूप से जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किए जाने तक शैलेंद्र के शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।

कांग्रेस नेता एवं सांसद राकेश राठौर के पीड़ित परिवार के समर्थन में आने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर धरना देने के बाद विरोध तेज हो गया। प्रशासन के साथ बातचीत के बाद खैराबाद थाने में एपीटीसी के तीन अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।

राठौर ने कहा कि परिवार द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर हैं और वह पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखकर एपीटीसी कमांडेंट के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।

प्रशासन ने परिवार के दो सदस्यों को पुलिस विभाग में संविदा पर नौकरी, आर्थिक सहायता और आवासीय पट्टा देने का भी आश्वासन दिया। इसके बाद विरोध प्रदर्शन समाप्त हो गया और परिवार ने बृहस्पतिवार को अपराह्न करीब एक बजे शैलेंद्र का अंतिम संस्कार किया।

अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भाषा सं. सलीम

सिम्मी

सिम्मी