ईडी ने आरोपपत्र में कोलकाता के पूर्व पुलिस उपायुक्त बिस्वास के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए

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ईडी ने आरोपपत्र में कोलकाता के पूर्व पुलिस उपायुक्त बिस्वास के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए

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  • Publish Date - July 16, 2026 / 10:43 PM IST,
    Updated On - July 16, 2026 / 10:43 PM IST

नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) कोलकाता के पूर्व पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) शांतनु सिन्हा बिस्वास ने पुलिस की जांच में ‘‘सक्रिय रूप से दखल दिया’’ और कथित आपराधिक गतिविधियों के जरिए 2.89 करोड़ रुपये अर्जित किये। ईडी ने अपने आरोपपत्र में ये दावे किए हैं।

केंद्रीय एजेंसी ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि उसने 10 जुलाई को कोलकाता की सत्र अदालत में बिस्वास के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मई में बिस्वास को धन शोधन के एक मामले में गिरफ्तार किया था। यह मामला कथित अपराधी बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू से जुड़ा है, जिस पर कोलकाता पुलिस ने हत्या की कोशिश, बलवा करने और रंगदारी वसूली के तहत मामला दर्ज किया है।

एजेंसी ने मई में स्थानीय व्यवसायी और सन एंटरप्राइज के प्रबंध निदेशक जय एस. कामदार के अलावा पोद्दार को भी गिरफ्तार किया था। ईडी ने जून में कामदार के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।

ईडी ने आरोप लगाया कि बिस्वास ने कामदार का इस्तेमाल अपने अत्यंत प्रभावशाली प्रतिनिधि और मध्यस्थ के रूप में किया। उसने कहा कि कामदार कथित तौर पर बिस्वास की ओर से तबादला और पदस्थापना से जुड़े मामलों का ‘‘प्रबंधन’’ करता था और बिस्वास से करीबी संबंधों के कारण पुलिस महकमे में उसका काफी प्रभाव था।

ईडी ने कहा, ‘‘बिस्वास पुलिस जांच में सक्रिय रूप से हस्तक्षेप करते थे और इस तरह कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों को प्रभावित करते थे।’’

एजेंसी ने कहा, ‘‘बिस्वास अपने और अपने परिवार के सदस्यों के लिए कामदार और उसके परिवार से महंगे उपहार भी प्राप्त करते थे। बदले में वह पुलिस से जुड़े मामलों में, जिनमें प्राथमिकी से संबंधित मामले भी शामिल हैं, कामदार को अवैध रूप से मदद पहुंचाते थे।’’

भाषा शफीक माधव

माधव