Ayodhya Hospital Negligence : खुशियों की जगह घर में मातम! बिना डॉक्टर के स्टाफ ने जच्चा-बच्चा के साथ किया ऐसा कांड, अब बीजेपी नेता ने लगाए गंभीर आरोप

अयोध्या के 'मां परमेश्वरी देवी मेमोरियल हॉस्पिटल' में कथित डॉक्टर की लापरवाही के कारण प्रसव के दौरान मां और बच्चा दोनों की मौत। परिजन और स्थानीय लोग प्रदर्शन पर, अस्पताल सीज करने की मांग।

Ayodhya Hospital Negligence :  खुशियों की जगह घर में मातम! बिना डॉक्टर के स्टाफ ने जच्चा-बच्चा के साथ किया ऐसा  कांड, अब बीजेपी नेता ने लगाए गंभीर आरोप

Ayodhya Hospital Negligence / Image Source : IBC24


Reported By: Apurva Pathak,
Modified Date: April 2, 2026 / 12:16 am IST
Published Date: April 2, 2026 12:15 am IST
HIGHLIGHTS
  • प्रसव के दौरान डॉक्टर की गैरमौजूदगी से जच्चा और शिशु की मौत।
  • परिजन और स्थानीय लोगों ने पुलिस चौकी पर प्रदर्शन किया।
  • निजी अस्पतालों में रेफरल और कमीशन पर उठाए सवाल, अस्पताल को सीज करने की मांग।

अयोध्या: Ayodhya Hospital Negligence उत्तर प्रदेश के अयोध्या से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहाँ कथित डॉक्टरों की लापरवाही के चलते प्रसव के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई। यह पूरा मामला कोतवाली नगर क्षेत्र के बल्ला हाता स्थित ‘मां परमेश्वरी देवी मेमोरियल हॉस्पिटल’ का है। इस घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है और मामला अब पुलिस तक पहुँच चुका है।

परिजनों ने किया प्रदर्शन

दरअसल बेनीगंज निवासी सुरेश यादव ने अपनी पत्नी सोनी यादव को प्रसव के लिए इस अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का गंभीर आरोप है कि डॉक्टर अंजली श्रीवास्तव प्रसव के समय अस्पताल में मौजूद नहीं थीं और उन्होंने फोन पर ही स्टाफ को निर्देश देकर प्रसव कराया। इसी लापरवाही के कारण जच्चा और बच्चा दोनों की जान चली गई। घटना से गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने रिकाबगंज पुलिस चौकी पर इकट्ठा होकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

कमीशन के लिए करते है निजी अस्पताल में रेफेर

इस मामले में भाजपा नेत्री अशोका द्विवेदी ने भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला चिकित्सालय के डॉक्टर कमीशन के चक्कर में मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर करते हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर जिला अस्पताल में महिला डॉक्टर ड्यूटी पर थीं, तो मरीज को निजी अस्पताल क्यों भेजा गया?

अस्पताल को सीज करने की मांग

पीड़ित परिजनों ने संबंधित डॉक्टर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और अस्पताल को तुरंत सीज करने की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और निजी अस्पतालों में चल रहे रेफरल खेल पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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