स्मार्ट सिटी में बदल रही अयोध्या

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स्मार्ट सिटी में बदल रही अयोध्या

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  • Publish Date - November 19, 2025 / 10:03 PM IST,
    Updated On - November 19, 2025 / 10:03 PM IST

लखनऊ, 19 नवंबर (भाषा) अयोध्या को सूर्यनगरी की पुरानी पहचान दिलाने के उद्देश्य से आदर्श सौर ऊर्जा से लैस कर स्मार्ट सिटी में तब्दील किया जा रहा है।

राज्य सरकार द्वारा बुधवार को जारी एक बयान के मुताबिक ‘‘अयोध्या महायोजना 2031’’ के तहत अयोध्या को सौर ऊर्जा आधारित नगरी बनाया जा रहा है। अयोध्या में सौर ऊर्जा समेत नवीकरणीय ऊर्जा का प्रयोग कर शहर को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सूर्यनगरी की पुरानी पहचान लौटाने के लिए धार्मिक विरासत, आधुनिक प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा तथा सतत शहरी विकास का संगम अयोध्या को नए स्वरूप में आकार दे रहा है।

बयान के मुताबिक, म्यूजियम ऑफ टेंपल, ग्रीनफील्ड टाउनशिप, सौर ऊर्जा शहर, डिजिटल वर्चुअल दर्शन, वैदिक वन और जलवायु-सुरक्षा आधारित योजनाओं ने अयोध्या को वैश्विक धार्मिक-पर्यटन, स्वास्थ्य-सुरक्षा और हरित विकास के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक आधार दिया है।

इसमें कहा गया है कि आध्यात्मिक शहर अयोध्या को हाईटेक सिटी बनाने का उद्देश्य व्यापक है। इससे विदेश से आने वाले पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी, साथ ही शहरवासियों को भी सुविधा होगी।

उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति-2022 के तहत अयोध्या को ‘मॉडल सोलर सिटी’ घोषित किया गया है। एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड द्वारा सरयू नदी के किनारे दो गांवों में स्थापित 40 मेगावॉट क्षमता का यह संयंत्र 165 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर संचालित किया जा रहा है। यह संयंत्र शहर की अनुमानित 198 मेगावॉट विद्युत मांग का 25-30 प्रतिशत पूरा कर रहा है।

बयान के मुताबिक अयोध्या को ग्रीनफील्ड टाउनशिप परियोजना के तहत विकसित किया जा रहा है। इसमें आधुनिकता और पर्यावरण दोनों को बराबर प्राथमिकता दी जा रही है। ‘नव्य अयोध्या’ योजना के तहत 550 एकड़ में विकसित हो रही हाईटेक टाउनशिप प्रदेश की सबसे उन्नत परियोजनाओं में से एक है।

भाषा सलीम नोमान अविनाश

अविनाश

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