लखनऊ, 30 जनवरी (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अयोध्या की एक विशेष अदालत द्वारा सामूहिक दुष्कर्म मामले में सपा नेता मोईद खान को बरी किए जाने के फैसले के एक दिन बाद शुक्रवार को कहा कि भाजपाई और उनके संगी-साथी याद रखें, साजिश से बड़ी ‘सच्चाई’ होती है।
अयोध्या की विशेष पॉक्सो अदालत ने 2024 में 12 वर्षीय एक लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के एक चर्चित मामले में बृहस्पतिवार को सपा नेता मोईद खान को बरी कर दिया, जबकि उसके नौकर को 20 साल कारावास की सजा सुनाई।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मामले से जुड़ी बुलडोजर कार्रवाई की खबरें ‘एक्स’ पर साझा करते हुए एक पोस्ट में सवाल किया, “क्या ‘भेदकारी भाजपा’ के पास कोई ऐसा बुलडोजर भी है, जो लोगों के टूटे घर बना दे और उस पर मान-सम्मान का छप्पर फिर से लगा दे?”
यादव ने कहा, “अपने ऊपर लगे मुकदमे तो सत्ताधीश हटवा सकते हैं, लेकिन जो पाप उन्होंने किए हैं, उनके मुकदमे ऊपरवाले की अदालत में लिखे जा रहे हैं। उससे वे कैसे बचेंगे? इतना अन्याय और पाप करके कोई सो कैसे सकता है?”
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “नाइंसाफी भाजपा सरकार की पहचान बन गई है। एकतरफा पक्षपातपूर्ण रवैया स्वयं में एक गुनाह होता है।”
सपा प्रमुख ने कहा, “भाजपा राज में बुलडोजर नकारात्मक और विध्वंसकारी सोच का प्रतीक बन गया है। भाजपा की सियासत जिस तरह नाइंसाफी कर रही है, अब उसकी हार सामने है। भाजपाई अन्याय हारेगा।”
उन्होंने कहा, “भाजपाई और उनके संगी-साथी याद रखें: साजिश से बड़ी ‘सच्चाई’ होती है।”
नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद अयोध्या प्रशासन ने मोईद खान की बेकरी और ‘शॉपिंग कॉम्प्लेक्स’ पर बुलडोजर चलाया था। उस समय इस कार्रवाई को ‘त्वरित न्याय’ के रूप में देखा गया था।
भाषा आनन्द मनीषा खारी
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