भाजपा देश के सामने सबसे बड़ा संकट, नफरत ही इसका एकमात्र एजेंडा : अखिलेश

भाजपा देश के सामने सबसे बड़ा संकट, नफरत ही इसका एकमात्र एजेंडा : अखिलेश

भाजपा देश के सामने सबसे बड़ा संकट, नफरत ही इसका एकमात्र एजेंडा : अखिलेश
Modified Date: August 29, 2026 / 12:27 am IST
Published Date: August 29, 2026 12:27 am IST

इटावा, 28 अगस्त (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को देश के सामने ‘‘सबसे बड़ा संकट’’ करार देते हुए शुक्रवार को आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के पास नफरत फैलाने के अलावा कोई एजेंडा नहीं है।

रक्षाबंधन के अवसर पर अपने पैतृक गांव सैफई पहुंचे अखिलेश ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान यह टिप्पणी की।

उन्होंने कहा, ‘‘देश में केवल एक ही संकट है और वह भाजपा है। भाजपा खुद सबसे बड़ा संकट है। भाजपा जाएगी तो संकट भी चला जाएगा।’’

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास ‘‘नफरत फैलाने’’ के अलावा कोई काम नहीं है और उन्होंने समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण की विरासत को ‘‘बेचने’’ का आरोप भी लगाया।

अखिलेश ने कहा कि भाजपा के गठन के समय पार्टी ने खुद को समाजवादी पार्टी के रूप में पेश करने की कोशिश में जयप्रकाश नारायण की तस्वीर लगाई थी, लेकिन अब उसने जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (जेपीएनआईसी) को ‘‘बेच’’ दिया है।

सपा प्रमुख ने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘भाजपा को कोई खरीदने के लिए भी तैयार नहीं है, वरना भाजपा खुद को बेच देती।’’

महंगाई के मुद्दे पर अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए आवश्यक वस्तुओं और ईंधन की कीमतें बढ़ने दे रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘चीनी की बात करें तो चीनी महंगी हो गई है। सरकार पेट्रोल में एथेनॉल मिला रही है। मिलावट को लेकर कानून है और कानूनी तौर पर आप मिलावट नहीं कर सकते। लेकिन एक सोची-समझी रणनीति के तहत कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने और चुनावी चंदा हासिल करने के लिए सरकार ने उद्योगपतियों को मुनाफा कमाने की खुली छूट दे दी है।’’

अखिलेश ने दावा किया कि कंपनियों को मुनाफा कमाने में सक्षम बनाने के लिए चीनी, डीजल और पेट्रोल ऊंची कीमतों पर बेचे जा रहे हैं और सरकार की नीतियों के कारण महंगाई बढ़ रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि दवाइयां ऊंची कीमतों पर बेची जा रही हैं, एम्बुलेंस ठीक से काम नहीं कर रही हैं और पुलिसकर्मी लोगों से पैसे मांग रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए आवंटित धन का दुरुपयोग किया गया और सवाल किया कि सरकार को इसके लिए जवाबदेह क्यों नहीं ठहराया जा रहा है।

सपा अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि भारत के आजाद होने के बावजूद मीडिया पर पाबंदियां बढ़ गई हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘देश आजाद होने के बाद अंग्रेज भारत छोड़कर चले गए, लेकिन हम अभी भी आजाद नहीं हुए हैं। आज भी कई तरह की पाबंदियां हैं। आप स्कूलों की तस्वीरें नहीं दिखा सकते, स्कूलों की खराब हालत नहीं दिखा सकते। जो पत्रकार स्कूल की खराब हालत दिखाएगा, उसे जेल भेज दिया जाएगा।’’

उन्होंने भाजपा पर जानबूझकर शिक्षा को बढ़ावा नहीं देने का आरोप लगाया और कहा कि शिक्षित लोग सवाल पूछेंगे तथा सरकार के साथ बहस करेंगे।

अखिलेश ने कहा, ‘‘भाजपा को सवालों से सबसे ज्यादा डर लगता है। जो सवालों से डरता है, वह लोकतंत्र को दबाएगा और बाबासाहेब आंबेडकर के सिद्धांतों को कमजोर करेगा।’’

उन्होंने किसानों के मुद्दे पर आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने समय पर खाद और बीज उपलब्ध नहीं कराकर तथा कृषि उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित नहीं करके संकट पैदा कर दिया है।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘पहले हम सुनते थे कि बोरी से खाद चोरी हो जाती थी, लेकिन आज पूरी बोरी ही चोरी हो रही है। इसके लिए कौन जिम्मेदार है?’’

उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को अक्सर जरूरत के समय खाद और बीज नहीं मिलते और उनकी फसलों का पर्याप्त मूल्य भी नहीं मिलता।

सपा अध्यक्ष ने पड़ोसी नेपाल में आई बाढ़ की आपदा पर भी चिंता जताई और भारत सरकार से नेपाल को हर संभव सहायता देने का आग्रह किया।

भाषा

सं, जफर रवि कांत


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