आगरा, 20 जून (भाषा) ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने शनिवार को ताजमहल और आगरा किले का दौरा किया। इसके साथ ही तीन दिवसीय ब्रिक्स एमएसएमई फोरम के दौरान आयोजित उनका आगरा प्रवास संपन्न हो गया।
इस फोरम का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में सदस्य देशों के बीच सहयोग को मजबूत करना था।
प्रतिनिधियों ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ताजमहल में लगभग डेढ़ घंटा बिताया और 17वीं सदी के इस विश्व प्रसिद्ध स्मारक का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने फोटो सत्र में भी भाग लिया।
स्थानीय गाइड रमेश के अनुसार, प्रतिनिधियों ने ताजमहल के इतिहास और वास्तुकला में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने इसके निर्माण, निर्माण में लगे समय, उपयोग की गई सामग्री और प्रतिवर्ष आने वाले पर्यटकों की संख्या से संबंधित कई प्रश्न पूछे।
रमेश ने कहा, ‘‘ताजमहल को देखकर प्रतिनिधि बेहद उत्साहित थे। उन्होंने इसकी सुंदरता, उत्कृष्ट कारीगरी और भव्य वास्तुकला की सराहना की।’’
जिला सूचना अधिकारी शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रतिनिधियों ने सुबह ताजमहल का भ्रमण किया और बाद में आगरा के निर्यातोन्मुख जूता उद्योग को समझने के लिए एक फुटवियर निर्माण इकाई का भी दौरा किया।
उन्होंने बताया कि शहर का दौरा समाप्त करने से पहले कुछ प्रतिनिधियों ने शाम को आगरा किले का भी भ्रमण किया। यह दौरा ब्रिक्स एमएसएमई फोरम के प्रतिभागियों के आधिकारिक कार्यक्रम का हिस्सा था। शुक्रवार को शुरू हुए इस फोरम में ब्रिक्स देशों के लगभग 60 प्रतिनिधियों और एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े 150 अधिकारियों ने भाग लिया।
फोरम में प्रौद्योगिकी अपनाने, सतत विनिर्माण, डिजिटल परिवर्तन, कौशल विकास तथा एमएसएमई क्षेत्र के लिए बाजार तक पहुंच जैसे विषयों पर सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रतिनिधियों ने नवाचार, रोजगार सृजन और समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया।
शर्मा ने बताया कि आगरा दौरा शनिवार को संपन्न हो गया और प्रतिनिधि अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
ब्रिक्स समूह में संस्थापक सदस्य ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के अलावा मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात भी शामिल हैं।
भाषा
सं, आनन्द रवि कांत