जल जीवन मिशन 2.0 को लेकर केंद्र और उप्र सरकार के बीच हुआ समझौता
जल जीवन मिशन 2.0 को लेकर केंद्र और उप्र सरकार के बीच हुआ समझौता
लखनऊ, 18 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति बेहतर बनाने के लिए बुधवार को जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के तहत केंद्र और राज्य सरकार के बीच एक सहमति पक्ष (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
अधिकारियों के मुताबिक यह समझौता मिशन के अगले चरण की औपचारिक शुरुआत है, जिसे हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिली है।
उन्होंने बताया कि यह एमओयू केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में डिजिटल माध्यम से संपन्न हुआ।
इस मौके पर आदित्यनाथ ने कहा कि ‘हर घर नल से जल’ के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में यह समझौता एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि इससे जलापूर्ति योजनाओं को और बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा, जिससे ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल के रूप में सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने इसे केंद्र और राज्य के बेहतर समन्वय का उदाहरण बताते हुए कहा कि इससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों मजबूत होंगी।
केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने इस मौके पर कहा कि जल जीवन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि होनी चाहिए।
उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि सभी परियोजनाएं टिकाऊ और दीर्घकालिक उपयोग को ध्यान में रखकर लागू की जाएं।
पाटिल ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ हुए एमओयू को जिक्र करते हुए कहा कि यह समझौता न केवल पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करेगा, बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर, स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी सकारात्मक असर डालेगा।
भाषा सलीम जोहेब
जोहेब

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