मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने आर्थिक अपराधों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने आर्थिक अपराधों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने आर्थिक अपराधों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के दिए निर्देश
Modified Date: June 10, 2026 / 01:33 pm IST
Published Date: June 10, 2026 1:33 pm IST

लखनऊ, 10 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को आर्थिक अपराधों के खिलाफ कार्रवाई को और अधिक प्रभावी, त्वरित और परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) को आधुनिक तकनीक, सुदृढ़ जांच प्रणाली और प्रभावी अनुश्रवण तंत्र से और अधिक सशक्त किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ईओडब्ल्यू की कार्यप्रणाली एवं प्रगति की समीक्षा बैठक के दौरान आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में त्वरित जांच, प्रभावी कार्रवाई और दोषसिद्धि सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बैठक में आर्थिक अपराधों से संबंधित लंबित मामलों, विवेचनाओं, गिरफ्तारी, अभियोजन, जनजागरूकता गतिविधियों और संगठनात्मक सुधारों की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय धोखाधड़ी, जालसाजी, गबन और अन्य आर्थिक अपराध न केवल सरकारी संसाधनों को प्रभावित करते हैं, बल्कि जनता के विश्वास को भी ठेस पहुंचाते हैं। ‘‘ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर और समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है।’’

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 में 31 मई तक ईओडब्ल्यू द्वारा 155 मामलों का निस्तारण किया गया है, जबकि इसी अवधि में 71 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुराने मामलों के निस्तारण में तेजी लाई जाए और फरार आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं, उनमें अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया को गति दी जाए, ताकि अधिक से अधिक मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित हो सके।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि मामलों के प्रभावी प्रबंधन के लिए केस मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) विकसित किया गया है, जो डिजिटल प्रबंधन, ऑनलाइन रिपोर्टिंग, रियल टाइम मॉनिटरिंग आदि की सुविधा प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने इस प्रणाली के प्रभावी उपयोग के निर्देश देते हुए कहा कि तकनीक आधारित व्यवस्था से जांच की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जांच अधिकारी किसी भी मामले को तीन माह से अधिक समय तक लंबित न रखें और उनकी जवाबदेही तय की जाए।

उन्होंने आर्थिक अपराधों की रोकथाम के लिए जनजागरूकता को भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि बदलते तकनीकी परिवेश में वित्तीय धोखाधड़ी, निवेश संबंधी ठगी और साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि पोंजी स्कीम, मल्टीलेवल मार्केटिंग, चिटफंड घोटाले और साइबर फ्रॉड जैसे मामलों में प्रशिक्षण और तकनीकी संसाधनों का अधिक उपयोग किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक अपराधों की प्रकृति लगातार जटिल हो रही है, इसलिए जांच एजेंसियों को आधुनिक संसाधनों, तकनीकी दक्षता और प्रभावी कार्यप्रणाली से सुसज्जित करना आवश्यक है।

भाषा जफर

मनीषा

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