UP News: बाढ़ प्रभावित इलाके में मुख्यमंत्री योगी, बेदूपार इंटर कॉलेज में अपने हाथों से परिवारों को बांटी राहत सामग्री, फसल नुकसान पर 10 दिन में मुआवजे के निर्देश

बाढ़ प्रभावित इलाके में मुख्यमंत्री योगी, बेदूपार इंटर कॉलेज में अपने हाथों से परिवारों को बांटी राहत सामग्री, Chief Minister Yogi in Flood-Affected Area

UP News: बाढ़ प्रभावित इलाके में मुख्यमंत्री योगी, बेदूपार इंटर कॉलेज में अपने हाथों से परिवारों को बांटी राहत सामग्री, फसल नुकसान पर 10 दिन में मुआवजे के निर्देश
Modified Date: September 29, 2026 / 11:56 pm IST
Published Date: September 29, 2026 11:46 pm IST

कुशीनगर। UP News: अतिवृष्टि से नारायणी में उफान और तटबंध टूटने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। तमकुहीराज विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के बाद वह बेदूपार इंटर कॉलेज पहुंचे। यहां बाढ़ प्रभावित परिवारों से मिले और अपने हाथों से कुछ परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री योगी के पहुंचने से पहले ही जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह सोमवार रात प्रभावित क्षेत्र पहुंच चुके थे। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी, जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें भी राहत-बचाव में जुटी हैं। चार दिनों की लगातार भारी बारिश के बीच नेपाल में भी अतिवृष्टि हुई। वहां जमा पानी नीचे आने से नारायणी में पानी का प्रवाह अचानक साढ़े पांच लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। सामान्य दिनों में नदी से तीन से चार लाख क्यूसेक पानी प्रवाहित होता था। पानी बढ़ने से तटबंध टूटा और कई घरों में पानी पहुंच गया।

रात से मोर्चे पर सरकारी मशीनरी (UP News)

UP News: हालात पर सोमवार से नजर रखी जा रही है। राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की दो-दो टीमें तैनात हैं। पीएसी की चार यूनिट भी मैदान में हैं। जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्र में काम कर रही हैं। स्थानीय सांसद और विधायक भी राहत कार्य में सहयोग कर रहे हैं। प्रभावित परिवारों के लिए पांच हजार पैकेट में खाद्य सामग्री की व्यवस्था की गई है। इनमें 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, दो किलो दाल के साथ चना, तेल, मसाले, नमक और अन्य सामग्री शामिल है। बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल राहत शिविरों तक पहुंचाने और वहां रोशनी की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।

जान से फसल तक नुकसान की भरपाई

आपदा में जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। मकान क्षतिग्रस्त होने पर प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराया जाएगा। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए भी धनराशि देने के निर्देश हैं। फसलों के नुकसान का सर्वे कर पीड़ित किसानों को 10 दिनों के भीतर मुआवजा दिया जाएगा। बाढ़ से प्रभावित सड़कों और तटबंध की मरम्मत कराने के साथ सिंचाई विभाग को किसानों के खेतों को नुकसान से बचाने के लिए जरूरी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने की जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दी गई है। अस्पतालों में सांप या जंगली जानवर के काटने पर तत्काल वैक्सीन उपलब्ध कराने के निर्देश हैं, ताकि प्रभावित लोगों को उपचार मिलने में देरी न हो।


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।