नौसेना प्रमुख ने ‘शौर्य वाटिका’ के उद्घाटन के मौके पर सेना में उत्तर प्रदेश के योगदान का जिक्र किया
नौसेना प्रमुख ने 'शौर्य वाटिका' के उद्घाटन के मौके पर सेना में उत्तर प्रदेश के योगदान का जिक्र किया
(तस्वीर के साथ)
लखनऊ, 30 मई (भाषा) भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने नौसेना में उत्तर प्रदेश के योगदान पर प्रकाश डालते हुए शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश भले ही चारों ओर से जमीन से घिरा राज्य है लेकिन इसके बावजूद उसका समुद्र से गहरा जुड़ाव है।
एडमिरल त्रिपाठी यहां ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ के उद्घाटन के अवसर पर आये थे, जिसका उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।
नौसेना शौर्य वाटिका एक संग्रहालय है जिसे भारतीय नौसेना की विरासत, संचालनात्मक क्षमताओं और समुद्री उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए तैयार किया गया है।
नौसेना प्रमुख ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नौसेना पर केंद्रित संग्रहालय की स्थापना के पीछे के तर्क को समझाते हुए कहा, ”हालांकि उत्तर प्रदेश एक लैंडलॉक (चारों ओर जमीन से घिरा हुआ) राज्य है लेकिन यह कभी समुद्र से दूर नहीं रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘रेलवे और राजमार्ग के आने से पहले, गंगा, गोमती और घाघरा जैसी नदियां अवध क्षेत्र को कोलकाता बंदरगाह और वैश्विक व्यापार मार्गों से जोड़ती थीं। बनारसी रेशम समुद्री व्यापार के ज़रिए रोमन साम्राज्य तक पहुंचता था, जबकि उत्तर प्रदेश से मिलने वाली कठोर लकड़ी और धातुओं से जहाज बनाने में मदद मिलती थी।’’
एडमिरल त्रिपाठी 31 मई 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके बाद वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन नौसेना प्रमुख का पद संभालेंगे।
एडमिरल त्रिपाठी ने कहा, ‘‘नौसेना में बड़ी संख्या में अधिकारी, नाविक और अग्निवीर उत्तर प्रदेश के हैं। शायद यही कारण है कि यह देश में सबसे ज्यादा पूर्व सैनिकों का घर है।’’
राज्य की नौसैनिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने युद्धपोत ‘आईएनएस गोमती’ का जिक्र किया, जिसका नाम गोमती नदी के नाम पर रखा गया था।
नौसेना प्रमुख ने कहा कि 1988 में भारतीय नौसेना में शामिल किये गये आईएनए गोमती ने ‘ऑपरेशन कैक्टस’ और ‘ऑपरेशन पराक्रम’ में हिस्सा लिया था।
उन्होंने कहा कि इसने दशकों की सेवा के दौरान भारत और उत्तर प्रदेश के झंडों को पूरी दुनिया में पहुंचाया तथा 2022 में यह सेवामुक्त हो गया।
एडमिरल त्रिपाठी ने यह भी कहा कि नौसेना शौर्य वाटिका में प्रदर्शन के लिये रखी गयी सैन्य चीजों में विमान, मिसाइलें, बंदूकें और रडार शामिल हैं तथा वे युवाओं को समुद्री सुरक्षा के महत्व को समझने में मदद करेंगे।
भारत के आर्थिक विकास के लिए समुद्री सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए एडमिरल त्रिपाठी ने कहा, ‘‘यह एक स्थापित तथ्य है कि भारत की आर्थिक प्रगति और व्यापार का विकास समुद्र से गहराई से जुड़ा हुआ है। नौसेना यह सुनिश्चित करती है कि हमारे समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें और भारत का समुद्री व्यापार बिना किसी रुकावट के बढ़ता रहे।’’
उन्होंने ‘डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर’ और लखनऊ में ब्रह्मोस सुविधा जैसी पहलों के माध्यम से रक्षा निर्माण में उत्तर प्रदेश की बढ़ती भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
एडमिरल त्रिपाठी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विज़न के अनुरूप, उत्तर प्रदेश आज न केवल सशस्त्र बलों को मूल्यवान जनशक्ति प्रदान करता है, बल्कि बहुमुखी मिसाइल प्रणालियां और स्वदेशी क्षमताएं भी प्रदान करता है।’’
उन्होंने कहा,‘‘मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले वर्षों में नौसेना शौर्य वाटिका राष्ट्रीय गौरव, समुद्री जागरूकता और देशभक्ति के एक स्रोत के रूप में उभरेगी।’’
भाषा सलीम राजकुमार
राजकुमार

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