Chitrakoot Child Sexual Abuse Case : 34 मासूम, 47 देश…बच्चों संग दरिंदगी कर डार्क वेब पर वीडियो बेचने वाले पति-पत्नी को फांसी की सजा
साल 2020 में चित्रकूट से एक ऐसा मामला सामने आया था जिसमें सरकारी इंजीनियर रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती ने मासूम बच्चों के अश्लील वीडियो बनाकर डार्क वेब पर बेचे। पांच साल की सुनवाई के बाद बांदा की कोर्ट ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई और पीड़ित बच्चों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।
Chitrakoot Child Sexual Abuse Case / Image Source : ANI
- कारी इंजीनियर और उसकी पत्नी ने बच्चों के अश्लील वीडियो डार्क वेब पर बेचे।
- CBI और इंटरपोल ने मामले की जांच कर साक्ष्य जुटाए।
- कोर्ट ने दोनों को फांसी की सजा और पीड़ित बच्चों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।
चित्रकूट: Chitrakoot Child Sexual Abuse Case साल 2020 में चित्रकूट से एक ऐसा मामला सामने आया था जिसने सबको हिलाकर रख दिया था । यहाँ सिंचाई विभाग में तैनात एक सरकारी इंजीनियर (JE) रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती मासूम बच्चों के अश्लील फोटो और वीडियो बनाकर उन्हें डार्क वेब में अपलोड करते थे और विदेशों में बेचते थे।। दोनों पति-पत्नी को पांच साल बाद अब बांदा की कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। जज ने सख्त आदेश दिया है कि इन दोनों को मरते दम तक फांसी के फंदे पर लटकाया जाए।
लालच देकर मासूमों को फंसाता था सरकारी इंजीनियर
आरोपी रामभवन कोई आम अपराधी नहीं बल्कि एक पढ़ा-लिखा सरकारी अफसर था। Ram Bhavan JE Death Penalty वह और उसकी पत्नी गरीब बच्चों को खिलौनों और पैसों का लालच देकर अपने घर बुलाते थे। वहाँ वह 5 से 16 साल के बच्चों का यौन शोषण करते थे और लैपटॉप के कैमरे से उनका वीडियो बना लेते थे। जांच में पता चला कि ये लोग डार्क वेब के जरिए इन वीडियो को दुनिया के 47 देशों में ऊंचे दामों पर बेचते थे।
CBI की जांच और इंटरपोल का बड़ा खुलासा
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब इंटरपोलने भारत की सीबीआईको खबर दी कि कुछ लोग बच्चों के पोर्न वीडियो इंटरनेट पर अपलोड कर रहे हैं। जब सीबीआई ने छापेमारी की, तो इनके पास से 8 लाख कैश, लैपटॉप और कई पेन ड्राइव मिले। Child Pornography Case पेन ड्राइव में 34 बच्चों के वीडियो और करीब 680 फोटो बरामद हुए। सीबीआई ने 700 पन्नों की रिपोर्ट और 74 गवाहों की मदद से कोर्ट में अपना केस मजबूती से रखा।
पीड़ितों को न्याय और 10-10 लाख का मुआवजा
5 साल की लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार न्याय हुआ। कोर्ट ने फांसी की सजा के साथ-साथ सरकार को आदेश दिया है कि शिकार हुए हर बच्चे को 10-10 लाख रुपये की मदद दी जाए। इन बच्चों का इलाज दिल्ली के एम्स में कराया गया था।
यूपी | बांदा जनपद कोर्ट ने रामभवन और पत्नी दुर्गावती को फांसी की सजा सुनाई है। ये दोनों बच्चों के अश्लील फोटो–वीडियो डार्क वेब के जरिए विदेशों में बेचते थे। CBI ने 17 नवंबर 2020 को गिरफ्तारी की थी। दंपति नाबालिग गरीब बच्चों को लालच देकर बुलाते और उनके साथ गलत काम करते थे। pic.twitter.com/ciqkLCLDzp
— Sachin Gupta (@SachinGuptaUP) February 20, 2026
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