CM Yogi Adityanath News: 2017 से पहले संकट में थी यूपी पुलिस, अब है देश का सबसे बेहतरीन बल, दीक्षांत परेड सीएम योगी ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का मनोबल
CM Yogi Adityanath News: सीएम योगी आदित्यनाथ पुलिस आरक्षियों के दीक्षांत परेड समारोह में शामिल हुए और उनका मनोबल बढ़ाया।
CM Yogi Adityanath News/Image Credit: IBC24.in
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि 2017 से पहले जो उप्र पुलिस स्वयं संकट में थी, वह अब देश के बेहतरीन पुलिस बल के रूप में स्थापित हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में सत्ता के सामने माफिया का राज नहीं चलता। रिजर्व पुलिस लाइंस, लखनऊ में वर्ष 2025 बैच के पुलिस आरक्षियों के दीक्षांत परेड समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस की सराहना की। सीएम योगी ने कहा, ‘‘अब प्रदेश में दंगे नहीं होते, गुंडा टैक्स और वसूली खत्म हो गई है। अपराधियों के मन में भय है और पुलिस का मनोबल ऊंचा है।’’
2017 से पहले होते थे दंगे
CM Yogi Adityanath News: पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा, ‘‘पहले न बेटी सुरक्षित थी और न व्यापारी। प्रदेश अस्थिरता और अराजकता का पर्याय था। 2017 से पहले जहां दंगे होते थे, आज उप्र पुलिस दंगे होने से पहले ही उन्हें रोकने में सफल है।’’ नए आरक्षियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘कानून अपराधी के प्रति जितना कठोर हो, नागरिकों के प्रति उतना ही संवेदनशील होना चाहिए।’’ उन्होंने भरोसा जताया कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान के साथ आरक्षी उप्र पुलिस की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।
सीएम योगी ने महिला पुलिसकर्मियों को दी बधाई
मुख्यमंत्री ने दीक्षांत परेड में शामिल महिला पुलिसकर्मियों को विशेष बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘‘बेटियों ने मजबूती, तत्परता और अनुशासन के साथ प्रशिक्षण पूरा किया, यह सराहनीय है।’’ सीएम योगी ने बताया कि 15 जून 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 60 हजार से अधिक आरक्षियों को नियुक्ति पत्र सौंपे थे। 21 जुलाई 2025 से प्रशिक्षण शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि पहले पुलिस प्रशिक्षण की क्षमता मात्र 3000 थी, लेकिन अब एक साथ 60 हजार से अधिक आरक्षियों को प्रदेश में ही प्रशिक्षित किया गया है।
तीन गुना बढ़ा यूपी पुलिस का बजट
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में दो लाख 18 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती और एक लाख से अधिक को प्रोन्नति दी गई है। उप्र पुलिस का बजट 2017 की तुलना में तीन गुना बढ़ाया गया है। सात पुलिस आयुक्तालय स्थापित किए गए। उन्होंने कहा, ‘‘उप्र एटीएस को एनआईए (राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण) के मानक के अनुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 75 जिलों में साइबर थाने और फोरेंसिक लैब स्थापित की गई हैं। महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति के तहत कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इस भर्ती में 20 प्रतिशत बेटियों को शामिल किया गया है।’’
पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है अनुशासन
सीएम योगी ने कहा, ‘‘प्रशिक्षण में जितना पसीना बहेगा, बाद में उतना ही कम खून बहाने की नौबत आएगी। पुलिस की सबसे बड़ी ताकत उसका अनुशासन है।’’ समारोह में मुख्यमंत्री ने आरक्षियों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार वितरित किए। इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा, महापौर सुषमा खर्कवाल, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण और पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सेंगर समेत कई अधिकारी मौजूद थे। डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि 2025 बैच में देश में पहली बार 60,244 आरक्षियों की सीधी भर्ती हुई है, जिसमें 12 हजार से अधिक महिलाएं हैं। यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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