जसवंतनगर में कांग्रेस को नहीं मिलेंगे वोट: शिवपाल यादव
जसवंतनगर में कांग्रेस को नहीं मिलेंगे वोट: शिवपाल यादव
लखनऊ, 26 सितंबर (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और जसवंतनगर से छह बार के विधायक शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि कांग्रेस उनके गढ़ जसवंतनगर में पैठ बनाने में सफल नहीं हो पाएगी।
शिवपाल ने कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय के एक बयान पर यह प्रतिक्रिया दी।
राय ने कहा था कि जिस तरह सपा प्रमुख अपने ‘पीडीए रथ’ से कांग्रेस के गढ़ रायबरेली गए हैं, उसी तरह कांग्रेस नेता भी सपा के गढ़ों में जा सकते हैं।
अजय राय ने शुक्रवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा था कि अखिलेश यादव के विशेष रूप से तैयार किए गए ‘पीडीए रथ’ से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दौरे को लेकर दोनों दलों के बीच कोई मतभेद नहीं है।
राय ने कहा था, “कोई भी व्यक्ति देश के किसी भी हिस्से में जाने के लिए स्वतंत्र है। वह (अखिलेश) रायबरेली गए और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। हम भी निश्चित रूप से वाराणसी या इटावा, कन्नौज और मैनपुरी जैसी जगहों पर जाएंगे।” उन्होंने जिन स्थानों का उल्लेख किया था, उनका संबंध सपा के वरिष्ठ नेताओं से है।
अखिलेश यादव कन्नौज से सांसद हैं, उनकी पत्नी डिंपल यादव मैनपुरी से सांसद हैं और उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव जसवंतनगर से विधायक हैं।
शिवपाल ने जसवंतनगर में कहा, “यह सच है कि कोई भी कहीं भी जा सकता है, तो वे जाएं। अगर वे (कांग्रेस) कोशिश भी करेंगे तो उन्हें पूरे जसवंतनगर में कुछ हासिल नहीं होगा, कोई वोट नहीं मिलेगा।”
शिवपाल के इस बयान से सपा-कांग्रेस संबंधों को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है।
शिवपाल के साथ यात्रा कर रहे उनके एक सहयोगी ने बताया कि वह निजी यात्रा पर मुंबई गए हैं और विवाद को तूल नहीं देना चाहते।
सहयोगी ने कहा, “उनसे कांग्रेस नेता के जसवंतनगर आने वाले बयान पर सवाल पूछा गया था। उन्होंने कहा कि कोई भी कहीं जा सकता है, लेकिन राजनीतिक रूप से इसका कोई असर नहीं होगा।”
सपा ने अभी तक अखिलेश यादव की ‘पीडीए रथ यात्रा’ की औपचारिक शुरुआत का विस्तृत कार्यक्रम घोषित नहीं किया है।
पार्टी का कहना है कि बृहस्पतिवार का रायबरेली दौरा हरचंदपुर से सपा विधायक राहुल लोधी से मिलने के लिए था।
लोधी ने आरोप लगाया था कि 17 सितंबर को समाजवादी छात्र सभा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के बीच झड़प के बाद पुलिस ने उनके साथ मारपीट की थी।
हालांकि, सपा नेताओं ने रायबरेली दौरे को सफल बताया है।
पूर्व मंत्री और सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा, “भाजपा सरकार की ज्यादती के शिकार पार्टी विधायक से मिलने के लिए किया गया यह दौरा जबरदस्त हिट रहा। लोगों की प्रतिक्रिया शानदार थी।”
राहुल गांधी ने 2024 में रायबरेली लोकसभा सीट से चुनाव जीता था लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस संसदीय क्षेत्र में एक भी सीट नहीं जीत पाई थी।
रायबरेली लोकसभा क्षेत्र की पांच विधानसभा सीट में से तीन बछरावां, हरचंदपुर और सरेनी सपा के पास हैं जबकि एक सीट भाजपा के पास है।
शिवपाल के बयान के बाद भाजपा को दोनों दलों पर निशाना साधने का मौका मिल गया।
भाजपा ने बृहस्पतिवार को कहा था कि अखिलेश यादव का रायबरेली दौरा वहां सपा की ताकत दिखाने और कांग्रेस की स्थिति पर सवाल उठाने के लिए था।
भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा था कि कांग्रेस को अब अपना अभियान कन्नौज और मैनपुरी से शुरू करना चाहिए।
भाजपा ने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा सांसद इकरा हसन के बयानों का भी उल्लेख किया था, जिनमें दोनों ने अपने-अपने नेताओं को मुख्य विपक्षी चेहरा बताया था।
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन ने उत्तर प्रदेश में 43 सीट पर जीत मिली थीं।
सपा ने 37 और कांग्रेस ने छह सीट पर जीत हासिल की थी जबकि भाजपा 33 सीट पर सिमट गई थी।
भाषा मनीष आनन्द जितेंद्र
जितेंद्र

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