आगरा में सीईसी ज्ञानेश कुमार के आवास के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

आगरा में सीईसी ज्ञानेश कुमार के आवास के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

आगरा में सीईसी ज्ञानेश कुमार के आवास के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
Modified Date: September 28, 2026 / 08:15 pm IST
Published Date: September 28, 2026 8:15 pm IST

आगरा/लखनऊ, 28 सितंबर (भाषा) कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार सुबह मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के आगरा स्थित आवास के बाहर प्रदर्शन किया और उनके खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आवास के मुख्य द्वार और दीवार पर ‘स्प्रे पेंट’ से नारे लिख दिए।

हालांकि, पुलिस ने बाद में इन नारों को मिटा दिया और मामले में मुकदमा दर्ज कर कांग्रेस के दो नेताओं को गिरफ्तार कर लिया।

प्रदर्शन में कांग्रेस और उससे जुड़े संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता ज्ञानेश कुमार के विजय नगर स्थित आवास के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने घर की चारदीवारी पर स्टिकर लगाए और पर्चे चिपकाए।

उन्होंने मुख्य द्वार और दीवार पर ‘‘ज्ञानेश गद्दार’’ और ‘‘ज्ञानेश चोर’’ जैसे नारे लिखे।

कांग्रेस के प्रदर्शन और दीवार पर लिखे गए नारों के वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए।

आगरा के सहायक पुलिस आयुक्त बजरंग प्रसाद ने बताया कि इस मामले में हरिपर्वत थाने में मुकदमा दर्ज कर कांग्रेस नेताओं अनिल यादव और मुकेश धनगर को गिरफ्तार किया गया है।

भारतीय युवा कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आगरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘गद्दार ज्ञानेश’ के घर को कालिख से पोत दिया।’’

पोस्ट में आगे आरोप लगाया गया कि पिछले कई वर्षों में चुनावों में कथित गड़बड़ी की गई।

केरल कैडर के 1988 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी ज्ञानेश कुमार ने पिछले वर्ष 19 फरवरी को भारत के 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था।

इससे पहले, 31 जनवरी 2024 को सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें 15 मार्च 2024 को निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया गया था।

सोमवार का प्रदर्शन निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, जिसमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का मुद्दा भी शामिल है, को लेकर कांग्रेस और आयोग के बीच बढ़ते टकराव के बीच हुआ।

कांग्रेस उत्तर प्रदेश, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। पार्टी का आरोप है कि आयोग केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में काम कर रहा है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विशेष रूप से सीईसी ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाया है और उन पर कथित रूप से असंवैधानिक कदम उठाने का आरोप लगाया है। गांधी ने ऐसे कथित कृत्यों को ‘‘देशद्रोह’’ भी बताया है।

पिछले सप्ताह अंग्रेजी दैनिक ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के बाद निर्वाचन आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि तीन में से दो निर्वाचन आयुक्तों ने 10 महीने की अवधि में 14 मौकों पर आयोग के फैसलों पर औपचारिक रूप से आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट के बाद समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी दलों ने निर्वाचन आयोग और भाजपा की आलोचना तेज कर दी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को निर्वाचन आयोग और एसआईआर को लेकर किए जा रहे हमलों पर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की आलोचना की थी।

आदित्यनाथ ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर राजनीतिक हितों के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें निर्वाचन आयोग और एसआईआर की आलोचना के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों के हालिया बयानों को ‘‘बेहद गैर-जिम्मेदाराना’’ बताया।

लखनऊ में रविवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘कांग्रेस और उसके सहयोगियों को देश की संवैधानिक संस्थाओं और जनता से अपने कार्यों के लिए माफी मांगनी चाहिए।’’

भाषा

किशोर, आनन्द, सलीम रवि कांत


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