देवरिया (उप्र), 11 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए रविवार को कहा कि जब घोटालेबाज, भ्रष्टाचारी और गबन करने वाले पकड़े जाते हैं तो उन्हें जांच एजेंसियां ‘पिंजरे का तोता’ नजर आने लगती हैं।
शाही ने यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा आठ जनवरी को राजनीतिक परामर्श फर्म ‘इंडियन पॉलिटिकल ऐक्शन कमेटी’ (आई-पैक) से जुड़े ठिकानों पर मारे गए छापे के बाद वहां के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा इसका कड़ा विरोध किए जाने संबंधी एक प्रश्न पर उन पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि बंगाल में जांच एजेंसी के कार्य में व्यवधान डाला गया और उससे जबरदस्ती फाइलें ली गईं। यह एक तरीके से कानून-व्यवस्था और संवैधानिक संस्था पर हमला है। जब घोटाले, भ्रष्टाचार और गबन करने वाले पकड़े जाते हैं, तब विपक्ष को जांच एजेंसियां ‘पिंजरे का तोता’ नजर आने लगती हैं।
उनका संदर्भ वर्ष 2013 में उच्चतम न्यायालय की कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की जांच के सिलसिले में की गई उसे टिप्पणी से संबंधित था, जिसमें न्यायालय ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को ‘पिंजरे में बंद तोता’ कहा था। उस समय सीबीआई की आलोचना इसकी स्वतंत्रता की कथित कमी और राजनीतिक प्रभाव के प्रति संवेदनशीलता के लिए की गई थी।
शाही ने आरोप लगाते हुए कहा कि भ्रष्टाचारी और घोटालेबाज लोग जब कानून के हाथों में आते हैं तो राजनीतिक दबाव बनाकर जांच को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं।
ईडी ने कोलकाता में आठ जनवरी को आई-पैक से जुड़े ठिकानों पर धनशोधन से जुड़े एक मामले को लेकर छापा मारा था। आई-पैक एक राजनीतिक परामर्शदाता फर्म है, जिसने 2021 में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के चुनाव अभियान का नेतृत्व किया था।
कृषि मंत्री ने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में जिनके नाम सामने आ चुके हैं, उन्हें नैतिकता की बात करने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का नाम लेते हुए कहा कि उनके बारे में अदालत ने जो शब्द प्रयोग किये हैं, उन पर तो उन नेताओं को डूब मरना चाहिए।
शाही ने दावा किया कि देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश विकास के रथ पर चल रहा है। अब देश एवं प्रदेश में घोटालेबाजों, भ्रष्टाचारियों और गबन करने वालों का कोई स्थान नहीं है। देश की जांच एजेंसियां ऐसे लोगों को कानून के कठघरे में खड़ा कर कानून के अनुसार कार्य करने का काम कर रही हैं।
भाषा सं. सलीम सुरेश
सुरेश