देवरिया (उप्र), 10 जनवरी (भाषा) यहां की एक अदालत ने उस याचिका पर पुलिस से रिपोर्ट तलब की है जिसमें आरोप लगाया गया है कि भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी अमिताभ ठाकुर पर नौ दिसंबर को उनकी गिरफ्तारी के दौरान हमला किया गया था।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजू कुमारी ने शुक्रवार को ठाकुर के एक करीबी सहयोगी द्वारा दायर याचिका का संज्ञान लिया और देवरिया के कोतवाली पुलिस थाने से रिपोर्ट मांगी।
बलिया जिले के निवासी सिंहासन चौहान ने याचिका दायर कर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) अमिताभ यश समेत छह अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। इस मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी को निर्धारित की गई है।
ठाकुर को 10 दिसंबर, 2025 को गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने 1999 में देवरिया के पुलिस अधीक्षक के रूप में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके अपनी पत्नी के नाम पर एक औद्योगिक भूखंड फर्जी तरीके से हासिल किया था।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि ठाकुर को शाहजहांपुर में ट्रेन से उतरते ही बिना किसी अपराध के गिरफ्तार करके अदालत भेज दिया गया। आरोप है कि गिरफ्तारी के दौरान ठाकुर पर हमला किया गया जिससे उन्हें चोटें आईं और उनका चश्मा टूट गया।
इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि अमिताभ ठाकुर का ‘एक्स’ अकाउंट निलंबित कर दिया गया है और उनके संबंध में झूठा प्रेस नोट जारी किया गया।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि वर्तमान में जेल में उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और उनकी गतिविधियों पर अनावश्यक प्रतिबंध लगाए गए हैं। इसमें आरोप लगाया गया है कि सोते समय भी सीसीटीवी कैमरे से उनकी निगरानी की जा रही है।
भाषा सं जफर संतोष
संतोष