अब उत्तर प्रदेश की बेटियां किसी पर निर्भर नहीं रहेंगीं : मुख्यमंत्री योगी

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अब उत्तर प्रदेश की बेटियां किसी पर निर्भर नहीं रहेंगीं : मुख्यमंत्री योगी

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  • Publish Date - March 8, 2026 / 02:02 PM IST,
    Updated On - March 8, 2026 / 02:02 PM IST

लखनऊ, आठ मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि सूबे की बेटियां अब किसी पर निर्भर नहीं रहेंगीं क्योंकि सरकार उनके जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए एक ‘पैकेज’ देगी।

मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के लिए रोजगार सम्मान व विभिन्न योजनाओं के तहत आर्थिक लाभ के वितरण कार्यक्रम में महिलाओं व बालिकाओं के लिए अपनी सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों का विस्तार से जिक्र किया।

उन्होंने कहा, “बेटियां अब किसी पर निर्भर नहीं रहेंगीं क्योंकि जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए सरकार एक पैकेज देगी।”

योगी ने कहा कि लड़की के जन्म के बाद पंजीकरण के तहत नाम रजिस्टर पर लिखा जाएगा वैसे ही बच्ची के जन्म पर मिलने वाला धन बैंक खाते में पहुंच जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अलावा सभी प्रकार के टीकों को लगवाने के लिए भी सरकार धन उपलब्ध कराएगी।

उन्होंने कहा कि बेटी जब पहली कक्षा में प्रवेश लेगी तो पंजीकरण के साथ ही धन उसके खाते में आ जाएगा और जब वह पांचवी कक्षा उत्तीर्ण कर अगली कक्षा में प्रवेश लेगी, धन उसके खाते में पहुंच जाएगा।

उन्होंने कहा, “25 हजार की धनराशि अलग-अलग श्रेणी में दी जाएगी। वर्तमान में 27 लाख बेटियां इस योजना का लाभ प्राप्त कर रही है।”

मुख्यमंत्री ने सामूहिक विवाह योजना का जिक्र करते हुए कहा कि जब बेटी शादी के योग्य हो जाए तो भी उसके अभिभावकों को उसकी शादी के खर्च की चिंता करने की जरूरत नहीं है वर्तमान में सरकार बेटी की शादी के लिए एक लाख रुपए दे रही है और इस योजना के तहत अब तक चार लाख से ज्यादा बेटियों की शादी संपन्न कराई जा चुकी है।

योगी ने ‘लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार इसे जल्द ही शुरू करेगी, जिसमें बेटियों को स्कूटी दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि पहले चरण में मेधावी लड़कियों को स्कूटी दी जाएगी और दूसरे चरण में अन्य सभी छात्राओं को इससे जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने देश के विकास में महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आधी आबादी को नजरअंदाज करके कोई भी समाज स्वावलंबी और आत्मनिर्भर नहीं बन सकता।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मातृ वंदना योजना समेत अनेक कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाए हैं और आने वाले समय में सांसद तथा विधानसभाओं में 35 फीसदी सीट पर बेटियां और बहनें चुनकर पहुंचेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कल श्रम शक्ति में महिलाओं की भागीदारी 13 प्रतिशत थी, जो आज 36 से 37 फीसदी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार बजट में सरकार ने एक नई योजना के तहत हर न्याय पंचायत में डिजिटल उद्यमिता स्थापित करने का निर्णय लिया है और इससे चार हजार से अधिक महिलाओं को जोड़ा जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह महिलाएं हर न्याय पंचायत के अंदर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों से जुड़ेंगी, लोगों को जोड़ेंगी और उन्हें आगे बढ़ाएंगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने दूसरे शहरों में जाकर काम करने वाली महिलाओं के लिए ‘वर्किंग वूमेन हॉस्टल’ की स्थापना का काम शुरू किया है।

उन्होंने बताया कि इस समय वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर, झांसी और आगरा में यह छात्रावास बनाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अयोध्या, बरेली, अलीगढ़, मिर्जापुर, सहारनपुर और मुरादाबाद में भी यह छात्रावास बनाए जाएंगे और इसके लिए बजट में व्यवस्था की गई है।

भाषा सलीम जितेंद्र

जितेंद्र