लखनऊ, 28 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार ने आलू किसानों को राहत देते हुए 10 जिलों में तत्काल खरीद केंद्र खोलने के निर्देश दिए हैं।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक उद्यान, कृषि विपणन एवं कृषि निर्यात राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने मंगलवार को उद्यान विभाग की समीक्षा बैठक में आलू खरीद केंद्र तुरंत स्थापित करने के निर्देश दिए।
इसके तीन दिन पहले समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार पर आलू खरीद न होने का आरोप लगाते हुए हमला बोला था।
बयान में कहा गया है कि सरकार ने उत्तर प्रदेश राज्य औद्यानिक सहकारी विपणन संघ (हॉफेड) को 10 जिलों में आलू खरीद केंद्र खोलने की जिम्मेदारी दी है। बयान के अनुसार लखनऊ और फर्रुखाबाद को प्राथमिकता देते हुए मंगलवार से ही दोनों जिलों में खरीद शुरू कर दी गई।
लखनऊ के बख्शी का तालाब स्थित इंदौरा बाग में अपर मुख्य सचिव उद्यान बी.एल. मीणा ने और फर्रुखाबाद की सातनपुर मंडी समिति में उद्यान निदेशक बी.पी. राम ने खरीद केंद्र का उद्घाटन किया।
यह खरीद भारत सरकार के कृषि मंत्रालय की बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत हो रही है।
बैठक में मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन जनपदों में बाजार में आलू का मूल्य कम है, वहां प्राथमिकता के आधार पर क्रय केन्द्र खोले जाएं और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाया जाए।
योजना के अंतर्गत बाजार हस्तक्षेप मूल्य 650.09 रुपये प्रति क्विंटल तथा ‘अतिरिक्त व्यय’ 162.52 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जबकि क्षतिपूर्ति की अधिकतम सीमा कुल खरीद लागत का 25 प्रतिशत तय की गई है, जिसका वहन केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा समान रूप से किया जाएगा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अन्य जनपदों में भी चरणबद्ध तरीके से क्रय केन्द्र स्थापित कर अधिकतम किसानों को लाभान्वित किया जाए।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत में भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से आलू मूल्य तय करने के बावजूद आलू की खरीद नहीं हो रही, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।
अखिलेश ने कहा, ‘‘सपा सरकार में किसानों को मिलने वाली सुविधाएं मौजूदा सरकार ने छीन लीं। एक्सप्रेसवे पर मंडियां बननी शुरू हुई थीं। कन्नौज में आलू के लिए जितनी मंडियां सपा सरकार में बनीं, उससे आगे नहीं बढ़ सकीं।’’
उन्होंने नारा दिया, ‘‘जब खेत मुस्कराएगा तो देश मुस्कराएगा।’’
भाषा आनन्द संतोष
संतोष