उप्र के सभी जिलों में होगा अमर नायकों की गाथा का नाट्य मंचन : जयवीर सिंह

उप्र के सभी जिलों में होगा अमर नायकों की गाथा का नाट्य मंचन : जयवीर सिंह

उप्र के सभी जिलों में होगा अमर नायकों की गाथा का नाट्य मंचन : जयवीर सिंह
Modified Date: June 9, 2026 / 08:00 pm IST
Published Date: June 9, 2026 8:00 pm IST

लखनऊ, नौ जून (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को सांस्‍कृतिक रूप से जागरूक करने और उन तक अमर नायकों की गौरव गाथा पहुंचाने के इरादे से सभी 75 जिलों में आनन्‍द मठ, अटल बिहारी वाजपेयी, वीर सावरकर और महाराजा सुहेलदेव जैसी हस्तियों पर आधारित नाटकों का मंचन करने की कार्ययोजना तैयार की है।

उत्तर प्रदेश सरकार ‘एक जिला-एक नाट्य श्रृंखला’ के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में भव्य ‘राष्ट्रचेतना नाट्य अभियान’ शुरू करने जा रही है। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की भावना से ओत-प्रोत इस अभियान में अखंड भारत के वीरों, ऐतिहासिक नायकों और महान साहित्यकारों की कृतियों पर आधारित नाटकों का मंचन होगा। भारतेंदु नाट्य अकादमी इस अभियान का संचालन करेगी।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि योजना के तहत ‘आनंदमठ’ और ‘महाराजा सुहेलदेव’ आधारित नाटक का मंचन प्रमुख प्रस्तुतियों के तौर पर किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा ‘बिजली पासी’, ‘झांसी की रानी’, ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’, ‘1857 की क्रांति’, ‘शिवाजी महाराज’ जैसे वीर नायकों पर आधारित नाटक मंचित होंगे।

वहीं ‘रश्मिरथी’, ‘अज्ञेय’, ‘अटल बिहारी वाजपेयी’, ‘मुंशी प्रेमचंद कृत बड़े भाई साहब’, ‘जयशंकर प्रसाद’, ‘सूर्यकांत त्रिपाठी निराला’, ‘भारतेंदु हरिश्चंद्र’ और ‘वीर सावरकर’ जैसी साहित्यिक व राष्ट्रीय चेतना की प्रस्तुतियां भी होंगी। प्रत्येक नाटक की अवधि एक घंटे 50 मिनट से दो घंटे तक होगी।

सिंह ने बताया कि अभियान के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना शीघ्र लागू होगी। पहले चरण में ऐतिहासिक स्रोतों का संकलन, विशेषज्ञों से परामर्श और शोध दस्तावेज तैयार किए जाएंगे। फिर अनुभवी नाटककार पटकथा, संवाद और गीत तैयार करेंगे। जून के दूसरे पखवाड़े में कलाकारों का चयन कर उन्हें अभिनय, वाचन, भावाभिनय, संगीत व नृत्य का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार 25 जून से 25 जुलाई 2026 तक प्रतिदिन छह से आठ घंटे तक पूर्वाभ्यास होगा। मंच सज्जा, प्रकाश, ध्वनि, वेशभूषा और प्रॉप्स की तैयारियों को भी अंतिम रूप दिया जाएगा।

राज्य सरकार के मुताबिक दो अगस्त 2026 को लखनऊ में इन नाटकों का पहला भव्य मंचन होगा, जिसमें विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। इसके बाद अगस्त से नवंबर तक विद्यालयों-महाविद्यालयों और दिसंबर 2026 से फरवरी 2027 तक ऐतिहासिक व सांस्कृतिक स्थलों पर नियमित प्रस्तुतियां होंगी।

भारतेंदु नाट्य अकादमी के साथ उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से भी उत्कृष्ट नाट्य प्रस्तुतियां आमंत्रित की जाएंगी। इसके लिए राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय समाचार पत्रों व ऑनलाइन माध्यमों से विज्ञापन जारी होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 20 जून 2026 है। दो चरणों में चयन होगा। पहले चरण में आलेखों का मूल्यांकन होगा और उसके बाद रिकॉर्डेड या लाइव प्रस्तुतियों की गुणवत्ता और मंचन क्षमता का परीक्षण होगा। अंतिम रूप से 15 से 20 श्रेष्ठ नाटकों का चयन किया जाएगा।

मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, ‘‘इन नाट्य मंचनों से राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक एकता को नयी ऊर्जा मिलेगी। यह अभियान रंगमंच को राष्ट्र जागरण का माध्यम बनाएगा।’’

उन्होंने बताया कि इस योजना से प्रदेश के पांच से 10 लाख युवाओं तक प्रत्यक्ष सांस्कृतिक पहुंच बनेगी। विद्यालयों, विश्वविद्यालयों, संग्रहालयों, प्रेक्षागृहों, शहीद स्थलों और प्रमुख शहरों में मंचन से कलाकारों को बड़े मंच मिलेंगे और भारतीय रंगमंच को नयी दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह पहल उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त करेगी।

भाषा आनन्‍द मनीष

धीरज

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