ई-साक्ष्य विवेचना की आत्मा होते हैं, जांच के दौरान इनपर खास ध्यान दें अधिकारी: उप्र डीजीपी

ई-साक्ष्य विवेचना की आत्मा होते हैं, जांच के दौरान इनपर खास ध्यान दें अधिकारी: उप्र डीजीपी

ई-साक्ष्य विवेचना की आत्मा होते हैं, जांच के दौरान इनपर खास ध्यान दें अधिकारी: उप्र डीजीपी
Modified Date: June 16, 2026 / 09:41 pm IST
Published Date: June 16, 2026 9:41 pm IST

लखनऊ, 16 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने मंगलवार को राज्य के अधिकारियों को जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों पर खास ध्यान देने, ई-समन का इस्तेमाल बढ़ाने और काफी समय से लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने एक उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक के दौरान ये निर्देश दिये।

पुलिस मुख्यालय से डिजिटल माध्यम से आयोजित इस बैठक में जोनल अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त, रेंज स्तर के पुलिस महानिरीक्षक एवं उपमहानिरीक्षक, जिला पुलिस प्रमुख, अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी शामिल हुए।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था तथा आगामी त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए डीजीपी ने इस बात पर जोर दिया कि जनवरी 2028 से नए आपराधिक कानूनों के पूर्ण क्रियान्वयन के साथ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य आपराधिक जांच का एक अनिवार्य हिस्सा बन जाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘ई-साक्ष्य जांच की आत्मा है।’

उन्होंने राज्य के अधिकारियों को जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के उपयोग को मजबूत करने, ई-समन का इस्तेमाल बढ़ाने और काफी समय से लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए।

भाषा जफर जोहेब

जोहेब


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