कारगिल में शहादत के 26 साल बाद भी जवान के परिवार को वादों के पूरे होने का इंतजार

कारगिल में शहादत के 26 साल बाद भी जवान के परिवार को वादों के पूरे होने का इंतजार

कारगिल में शहादत के 26 साल बाद भी जवान के परिवार को वादों के पूरे होने का इंतजार
Modified Date: July 26, 2026 / 03:48 pm IST
Published Date: July 26, 2026 3:48 pm IST

बलिया (उप्र), 26 जुलाई (भाषा) कारगिल युद्ध में देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए अवनीश यादव की शहादत के करीब 26 वर्ष बाद भी उनके परिवार का कहना है कि उस समय अधिकारियों ने जो वादे किए थे, उनमें से कई आज तक पूरे नहीं हुए हैं।

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा पर स्थित सिताबदियारा के दलेल टोला गांव निवासी शहीद के परिजनों ने कहा कि अवनीश की शहादत के बाद किए गए अधिकांश आश्वासन अब भी अधूरे हैं।

परिवार के अनुसार, अवनीश यादव चार सितंबर 1999 को कारगिल संघर्ष के दौरान देश की रक्षा करते हुए 20 दुश्मन सैनिकों को मार गिराने के बाद शहीद हो गए थे।

उनकी मां सोमारो देवी ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि बेटे की शहादत को 26 वर्ष बीत जाने के बावजूद वादे अब तक पूरे नहीं किए गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘न तो गांव में शहीद की प्रतिमा स्थापित की गई और न ही किसी सरकारी अस्पताल या प्राथमिक विद्यालय का नाम उन पर रखा गया, जबकि उस समय अधिकारियों ने ऐसा करने का वादा किया था।’’

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) से सेवानिवृत्त एवं शहीद के पिता शिवजी यादव ने बताया कि अवनीश 18 वर्ष की आयु में सेना में भर्ती हुए थे।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने शहीद की पत्नी को पेट्रोल पंप आवंटित किया था, लेकिन परिवार और गांव से किए गए अन्य वादे आज भी पूरे नहीं हुए हैं।

शिवजी यादव ने कहा, ‘‘गांव के विकास के लिए बड़े-बड़े वादे किए गए थे। विकास होना तो दूर, आज कोई परिवार का हालचाल पूछने तक नहीं आता।’’

बैरिया के उपजिलाधिकारी शशिमणि नाथ मिश्रा ने कहा कि उन्होंने हाल में बांदा से स्थानांतरित होकर यहां कार्यभार संभाला है और मामले की जानकारी ले रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जांच के बाद सरकार की ओर से किए गए वादों को पूरा कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

भाषा सं आनन्द खारी

खारी


लेखक के बारे में