गैर-इरादतन हत्या के मामले में पूर्व कांस्टेबल को 10 साल की कैद

गैर-इरादतन हत्या के मामले में पूर्व कांस्टेबल को 10 साल की कैद

गैर-इरादतन हत्या के मामले में पूर्व कांस्टेबल को 10 साल की कैद
Modified Date: September 21, 2026 / 09:52 pm IST
Published Date: September 21, 2026 9:52 pm IST

लखनऊ, 21 सितंबर (भाषा) लखनऊ की एक सत्र अदालत ने पूर्व कांस्टेबल प्रशांत चौधरी को 2018 में ‘एप्पल इंडिया’ के सेल्स प्रबंधक विवेक तिवारी की गैर-इरादतन हत्या का दोषी करार देते हुए सोमवार को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई।

अदालत ने चौधरी को 17 सितंबर को गैर-इरादतन हत्या का दोषी करार दिया था। वहीं, घटना के समय उसके साथ मौजूद कांस्टेबल संदीप कुमार को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था।

सत्र न्यायाधीश मलखान सिंह ने सोमवार को सजा की अ‍वधि पर दलीलें सुनने के बाद चौधरी को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।

हालांकि, विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी ने इस निर्णय पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि वह फैसला को उच्च न्यायालय में चुनौती देंगी।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 29 सितंबर 2018 को रात करीब पौने दो बजे विवेक अपनी सहकर्मी सना खान के साथ कार से घर लौट रहे थे। गोमती नगर एक्सटेंशन में सरयू अपार्टमेंट के पास दो पुलिसकर्मियों ने उनकी कार रोकने का प्रयास किया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, कांस्टेबल प्रशांत चौधरी ने विवेक पर गोली चला दी, जबकि संदीप ने सना को कथित तौर पर लाठी से मारा। गोली लगने से घायल विवेक को राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इस घटना के बाद सना ने गोमती नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसी दिन विवेक की पत्नी कल्पना ने भी दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

भाषा

सं राजेंद्र पारुल

पारुल


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