नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास

नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास

नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास
Modified Date: September 21, 2026 / 08:43 pm IST
Published Date: September 21, 2026 8:43 pm IST

बहराइच, 21 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के चार साल पुराने मामले में दोषी युवक को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है और उस पर 54,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। घटना के समय आरोपी की उम्र 16 साल थी।

विशेष जिला शासकीय अधिवक्ता संत प्रताप सिंह ने बताया कि 22 जून 2022 को पीड़िता के परिजन ने दरगाह शरीफ थाने में मामला दर्ज कराया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पड़ोस में रहने वाले किशोर ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया और घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।

उन्होंने बताया कि बाद में पीड़िता के गर्भवती होने पर घटना की जानकारी सामने आई। चिकित्सीय जांच में वह करीब सात माह की गर्भवती पाई गई थी।

अदालत ने डीएनए जांच समेत अभियोजन के साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना। डीएनए परीक्षण में बाल अपचारी को जन्मे बच्चे का जैविक पिता पाया गया। बचाव पक्ष ने मामले को पुरानी रंजिश का परिणाम बताते हुए दो गवाह पेश किए, लेकिन अदालत ने उनके बयानों को अभियोजन के साक्ष्यों को खारिज करने के लिए पर्याप्त नहीं माना।

सिंह ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अरविंद कुमार गौतम ने सोमवार को दोषी व्यक्ति को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई और जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को देने के निर्देश दिए।

सिंह ने बताया कि निर्णय के अनुसार, दोषसिद्धि के समय बाल अपचारी की उम्र 20 वर्ष, दो माह और 27 दिन थी।

उन्होंने बताया कि अदालत ने दोषी को 21 वर्ष की आयु पूरी होने तक ‘‘राजकीय सुरक्षित स्थान’’ गाजीपुर में रखने का निर्देश दिया है।

भाषा सं राजेंद्र पारुल

पारुल


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