करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी के आरोप में पांच लोग गिरफ्तार
करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी के आरोप में पांच लोग गिरफ्तार
इटावा (उप्र), तीन फरवरी (भाषा) इटावा जिले में सात करोड़ रुपये से ज्यादा की वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की चोरी के मामले में पुलिस ने एक संगठित गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।
उसने बताया कि ये आरोपी कथित तौर पर फर्जी फर्मों के जरिए बड़े पैमाने पर जीएसटी की चोरी में शामिल थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपियों ने फर्जी फर्में बनाईं और सामान की आपूर्ति किए बिना अवैध रूप से ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी)’ बनाने और पास करने के लिए फर्जी कर कागज जारी किये।
श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में तीन आरोपियों को पहले गिरफ्तार किया गया था, जबकि मंगलवार को पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने बताया कि तलाशी के दौरान पुलिस ने एक लैपटॉप, फर्जी जीएसटी कागज, ई-बिल और एक बिना पंजीयन वाली कार बरामद की।
श्रीवास्तव ने बताया कि यह मामला तब सामने आया जब जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने इटावा के अलग-अलग थानों में संदिग्ध जीएसटी चोरी के संबंध में सात मुकदमे दर्ज कराये थे।
पुलिस के अनुसार जांच में पता चला कि मैसर्स एमएल बिल्डर्स और भारत बिल्डिंग मटेरियल जैसी फर्मों ने अपने कारोबार का आकार बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने और अवैध आईटीसी बनाने के लिए फर्जी कागज जारी किये, जिससे सरकारी खजाने को काफी नुकसान हुआ।
पुलिस ने बताया कि कोतवाली, फ्रेंड्स कॉलोनी और जसवंतनगर थानों में भी इसी तरह की धोखाधड़ी का पता चला। इससे जाहिर हुआ कि इसमें एक ही संगठित रैकेट शामिल है।
जिला स्तर पर गठित एक विशेष जांच टीम ने चार्टर्ड अकाउंटेंट से पूछताछ करने के अलावा कॉल डेटा रिकॉर्ड, जीएसटी पोर्टल पर हुई गतिविधि, बैंकिंग लेनदेन और अन्य डिजिटल सुबूतों की पड़ताल की।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने अनजान लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल करके फर्जी जीएसटी पंजीकरण कराये और व्यापारियों तथा ठेकेदारों से आईटीसी मंजूर करने के लिए लगभग ढाई प्रतिशत कमीशन भी लिया।
अधिकारियों ने बताया कि धन के लेन-देन का पता लगाने और धोखाधड़ी में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।
भाषा सं. सलीम राजकुमार
राजकुमार

Facebook


