10 साल से सत्तारूढ़ भाजपा उपलब्धियां बताने की बजाय विज्ञापनों से कमियां ढ़क रही है: आकाश आनन्द

10 साल से सत्तारूढ़ भाजपा उपलब्धियां बताने की बजाय विज्ञापनों से कमियां ढ़क रही है: आकाश आनन्द

10 साल से सत्तारूढ़ भाजपा उपलब्धियां बताने की बजाय विज्ञापनों से कमियां ढ़क रही है: आकाश आनन्द
Modified Date: August 10, 2026 / 05:51 pm IST
Published Date: August 10, 2026 5:51 pm IST

हाथरस (उप्र), 10 अगस्त (भाषा) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनन्द ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों से वह सत्ता में है, लेकिन अपनी उपलब्धियां बताने की बजाय विज्ञापनों के जरिए अपनी कमियों को ढ़क रही है।

आकाश हाथरस के सादाबाद में सोमवार को बसपा के विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि ‘विकसित, शिक्षित और सुरक्षित उत्तर प्रदेश’ के नाम पर विज्ञापन किए गए और जनता के कर के पैसे का इस्तेमाल सरकार की नाकामियों को ढ़कने के लिए किया गया।

उन्होंने रोजगार, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और सरकारी खर्च को लेकर कई सवाल खड़े किए।

उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में विज्ञापनों पर सात हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए।

आकाश ने कहा कि अगर यही पैसा युवाओं की परीक्षाओं और रोजगार पर खर्च किया जाता तो बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरियों में पहुंच सकते थे।

उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं।

आकाश ने दावा किया कि राज्य में 25 हजार से ज्यादा स्कूल बंद किए गए हैं।

उन्होंने विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का भी जिक्र किया और दावा किया कि एक्सप्रेसवे कई स्थानों पर धंस गया है।

उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को ‘अंकल’ कहकर संबोधित किया।

कांग्रेस पार्टी और उसके नेता राहुल गांधी की आलोचना करते हुए बसपा संयोजक ने कहा कि वह बाबा साहब के संविधान को दिखाकर उनकी बात तो करते हैं लेकिन जिन राज्यों में उनकी सरकार चल रही है वहां वह वैसा ही काम कर रहे हैं जैसा भाजपा की सरकार कर रही हैं।

उन्होंने अखिलेश यादव की आलोचना करते हुए कहा कि उनका पीडीए कभी कुछ और हो जाता है तो कभी कुछ और।

भाषा सं आनन्द राजकुमार

राजकुमार


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