उप्र: गोरखपुर में तेज हवा और बारिश से पेड़ गिरने की घटनाओं में चार लोगों की मौत, 14 लोग घायल

उप्र: गोरखपुर में तेज हवा और बारिश से पेड़ गिरने की घटनाओं में चार लोगों की मौत, 14 लोग घायल

उप्र: गोरखपुर में तेज हवा और बारिश से पेड़ गिरने की घटनाओं में चार लोगों की मौत, 14 लोग घायल
Modified Date: September 27, 2026 / 12:23 am IST
Published Date: September 27, 2026 12:23 am IST

गोरखपुर, 26 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में शनिवार को तेज हवा और भारी बारिश के कारण अलग-अलग स्थानों पर पेड़ गिरने से चार लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले के कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव के गजरहिया टोला में शाम करीब चार बजे एक पेड़ झोपड़ी पर गिर गया।

अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में सुभाष (55), महानंद की पत्नी ज्ञानमती देवी (45) और किशन प्रजापति (13) की मौत हो गई जबकि राममिलन व सिरजावती नाम की महिला गंभीर रूप से घायल हो गए।

अधिकारियों के अनुसार, तेज हवा के दौरान कई ग्रामीण गांव के बाहरी हिस्से में बनी इस झोपड़ी में शरण लिए हुए थे।

उन्होंने बताया कि पेड़ गिरने के बाद स्थानीय लोगों ने मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला।

कैंपियरगंज के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की।

एक अन्य घटना में गगहा थाना क्षेत्र के गजपुर पुलिस चौकी के पास महुआ का पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।

पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान गगहा निवासी भीम कुमार विश्वकर्मा के रूप में हुई।

पुलिस के मुताबिक, अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे धर्मशाला क्षेत्र के जटेपुर दक्षिणी मोहल्ले की काली मंदिर गली में करीब 80 वर्ष पुराना एक पेड़ एक मकान पर गिर गया।

पुलिस ने बताया कि इस हादसे के समय घर में करीब 12 लोग मौजूद थे। पुलिस के मुताबिक, पेड़ गिरने से सुरेश, सुभाष, मुन्नी और चुन्नी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस ने बताया कि पेड़ गिरने से बिजली के कई खंभे भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित रही।

जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कौस्तुभ ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना।

अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और सहायता कार्य जारी है।

भाषा सं आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र


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