निवेश के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों का भंडाफोड, दो गिरफ्तार

निवेश के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों का भंडाफोड, दो गिरफ्तार

निवेश के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों का भंडाफोड, दो गिरफ्तार
Modified Date: April 9, 2026 / 06:59 pm IST
Published Date: April 9, 2026 6:59 pm IST

लखनऊ, नौ अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उसके सरगना को गिरफ्तार किया है।

एसटीएफ द्वारा जारी बयान में यह जानकारी दी गयी। बयान के मुताबिक एसटीएफ ने शेयर बाजार और आईपीओ में अव्छी कमाई का लालच देकर निवेशकों को धोखा देने के आरोप में गाजियाबाद के रूपेश भारद्वाज (26) को गिरफ्तार किया। रूपेश को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की एक शिकायत के बाद आठ अप्रैल को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तारी किया गया।

अधिकारियों के अनुसार, भारद्वाज एक कंपनी संचालित करता था, जो सेबी में पंजीकृत नहीं थी और वह निवेशकों का विश्वास हासिल करने के लिए फर्जी शेयर प्रमाणपत्र और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करता था।

उसके कब्जे से जाली आधार कार्ड, चार मोबाइल फोन, एक पैन कार्ड, पासबुक और बैंक स्टेटमेंट आदि बरामद किए गए। जांच से पता चला कि उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, गुजरात और पुडुचेरी सहित कई राज्यों में साइबर धोखाधड़ी की 14 शिकायतें दर्ज हैं।

एक अन्य अभियान में, एसटीएफ ने हरियाणा के यमुनानगर निवासी और करोड़ों रुपये की ‘क्रिप्टोकरेंसी’ और विदेशी मुद्रा निवेश धोखाधड़ी में शामिल एक गिरोह के सरगना जतींद्र राम (41) को गिरफ्तार किया।

राम को गाजियाबाद के मसूरी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के सिलसिले में आठ अप्रैल को सहारनपुर में एक रेस्तरां से गिरफ्तार किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने उच्च रिटर्न का वादा करके लोगों को एक ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी में निवेश करने को कहा। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने खुलासा किया कि वह और उसके सहयोगी, जिनमें मोहित राणा, गौरव सिंह और गीता हजारिका शामिल हैं, देश भर में 3,500 से अधिक एजेंटों के साथ नेटवर्क संचालित करते हैं।

उन्होंने बताया कि समूह ने 30,000 से अधिक उपयोगकर्ता आईडी बनाई और 700-800 करोड़ रुपये का प्रबंधन किया।

एसटीएफ ने कहा कि गिरोह ने निवेशकों को गुमराह करने के लिए बढ़ा-चढ़ाकर मुनाफा प्रदर्शित करने की खातिर एक ट्रेडिंग एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया, जो भारत में व्यापार के लिए अधिकृत नहीं है।

एकत्र किए गए धन को कथित तौर पर ‘क्रिप्टोकरेंसी’ में बदल दिया गया और दुबई और मॉरीशस से संचालित विदेशी खातों में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां धन का उपयोग संपत्ति हासिल करने के लिए किया गया।

एसटीएफ ने कहा कि दोनों आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज कर कानूनी कार्यवाही की जा रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।

भाषा सं जफर अविनाश

अविनाश


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