Hathras Satsang Stampede Update
लखनऊ: Hathras Satsang Stampede Update : उत्तर प्रदेश के हाथरस में मंगलवार को हुए भीषण हादसे में करीब 90 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यहां पर एक सत्संग के दौरान भगदड़ मच गई। हाथरस के सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के गांव फुलरई में यह कार्यक्रम आयोजित था। प्रवचनकर्ता भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ के कारण बड़ा हादसा हो गया। हाथरस भगदड़ में 90 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। साथ ही इस हादसे में 100 से अधिक श्रद्धालु घायल भी हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, ये आंकड़ें और बढ़ सकते हैं। अब ऐसे में सवाल उठ रहे है कि आखिर में वह भोले बाबा कौन हैं जिनके सत्संग में इतना बड़ा हादसा हो गया?
मिली जानकारी के अनुसार, संत भोले बाबा मूल रूप से कांशीराम नगर (कासगंज) में पटियाली गांव के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि वह पहले वह उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुए थे, लेकिन 18 साल की नौकरी के बाद वीआरएस ले लिया था। उन्होंने बताया कि वे अपने गांव में ही झोपड़ी बनाकर रहते हैं और उत्तर प्रदेश के अलावा आसपास के राज्यों में घूम कर लोगों को भगवान की भक्ति का पाठ पढ़ाते हैं। खुद भोले के अनुसार बचपन में वह अपने पिता के साथ खेती बाड़ी का काम करते थे। जवान हुए तो पुलिस में भर्ती हो गए। उनकी पोस्टिंग राज्य के दर्जन भर थानों के अलावा इंटेलिजेंस यूनिट में भी रही है।
संत भोले बाबा के मुताबिक, मेरा कोई गुरु नहीं है। मुझे ईश्वर से बेहद लगाव हैं। एक बार उनका अहसास हुआ था। उसके बाद मैंने अपनी पूरी जिंदगी मानव कल्याण में लगा दी। संत भोले बाबा के लाखों की संख्या में अनुयायी हैं। बोले बाबा के सत्संग में उनकी पत्नी भी मंच पर देखी जाती हैं।
आपको बता दें कि 2 साल पहले भी जब देश में कोराना की लहर चल रही थी, उस समय उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में मई, 2022 में इनके सत्संग का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन ने सत्संग में केवल 50 लोगों के शामिल होने की अनुमति दी गई थी, लेकिन कानून की धज्जियां उड़ाते हुए 50,000 से अधिक लोग सत्संग में शामिल हुए थे। यहां उमड़ी भीड़ के चलते शहर की यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई थी।
रस में हैरान कर देने हादसे में अब तक करीब 90 लोगों की मौत हो चुकी है। हाथरस के सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के गांव फुलरई में आयोजित भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ मच गई थी। हादसे में 90 लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। साथ ही इस हादसे में सैकड़ों की संख्या श्रद्धालु घायल भी हो गए हैं। इसमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। सीएमओ ने इसकी पुष्टि की है। घटना की सूचना मिलने के बाद आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। सीएम योगी खुद राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं।
इस कार्यक्रम में कई हजार लोग मौजूद थे। कार्यक्रम के आयोजकों ने कार्यक्रम के लिए अनुमति मांगी थी। मगर जो प्रशासन को भक्तों की संख्या के बारे में जानकारी दी गई थी, उससे कहीं ज्यादा भक्त कार्यक्रम में शामिल हुए थे।