पिछले साढ़े 11 वर्षों में भारत में पनपी नयी खेल संस्कृति : मुख्यमंत्री

पिछले साढ़े 11 वर्षों में भारत में पनपी नयी खेल संस्कृति : मुख्यमंत्री

पिछले साढ़े 11 वर्षों में भारत में पनपी नयी खेल संस्कृति : मुख्यमंत्री
Modified Date: January 4, 2026 / 04:40 pm IST
Published Date: January 4, 2026 4:40 pm IST

(तस्वीरों सहित)

वाराणसी (उप्र), चार जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि पिछले साढ़े 11 वर्षों में हर भारतवासी ने देश के भीतर एक नयी ‘खेल संस्कृति’ को पनपते देखा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया’ अभियान के माध्यम से प्रत्येक भारतीय के मन में खेल के प्रति सम्मान का भाव पैदा किया है।

मुख्यमंत्री ने यहां 72वीं सीनियर राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप के उद्घाटन अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान में गांव से लेकर शहर तक, ग्रामीण स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक की प्रतियोगिताएं एक आम नागरिक की भागीदारी से आयोजित हो रही हैं और इसी क्रम में 43 वर्षों बाद राज्य में सीनियर राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है।

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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में खेलों की आधुनिक बुनियादी संरचना का विकास हुआ है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘पिछले साढ़े 11 वर्षों में पूरे देश ने भारत के समग्र विकास को देखा है। इस दौरान हर भारतवासी ने एक नयी खेल संस्कृति को देश के अंदर पनपते देखा है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2014 में ‘खेलो इंडिया’ अभियान के माध्यम से प्रत्येक नागरिक के मन में खेल के प्रति सम्मान का भाव जागृत किया।’’

उन्होंने कहा कि इस खेल संस्कृति का सार यह है कि हर भारतीय के जीवन में खेल को भी स्थान मिले और खेल को अब समय की बर्बादी नहीं, बल्कि जीवन के सर्वांगीण विकास के माध्यम के रूप में देखा जाए।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि स्वस्थ शरीर से ही जीवन के सभी आयाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘आज इस नयी खेल संस्कृति के तहत ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’, सांसद खेलकूद प्रतियोगिता तथा भारतीय खेल प्राधिकरण के माध्यम से हर जनपद में खेल बुनियादी ढांचे विकसित हो रहे और इनके जरिए पूरा देश एक नयी खेल संस्कृति का अनुभव कर रहा है।’’

योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत कई प्रतियोगिताएं भारतीय खेल प्राधिकरण के सान्निध्य में और उसके प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में आयोजित की जाएंगी।

आदित्यनाथ ने कहा कि खिलाड़ियों को उचित प्रशिक्षण देने के लिए हर जनपद में स्टेडियम, हर विकासखंड स्तर पर मिनी स्टेडियम का निर्माण, ग्राम पंचायतों और नगर निकायों की प्राथमिकता में ‘ओपन जिम’ की स्थापना तथा हर स्तर पर खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रयास शुरू किए गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘आज इसका परिणाम यह है कि ओलंपिक, राष्ट्रमंडल खेलों और अंतरराष्ट्रीय विश्व चैंपियनशिप जैसी प्रतियोगिताओं में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी बड़ी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं और देश के लिए पहले की तुलना में कई गुना अधिक पदक भी जीत रहे हैं।’’

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि वर्ष 1982 के बाद उत्तर प्रदेश को सीनियर राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप की मेजबानी मिली है और लगभग 43 वर्षों बाद प्रदेश को यह गौरव प्राप्त हुआ है।

उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में प्रदेश के खिलाड़ियों ने अपने दमखम पर गौरव हासिल किया है।

डॉ. सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, वाराणसी में 72वीं सीनियर राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप 11 जनवरी तक आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 58 टीमें भाग ले रही हैं। इनमें 30 पुरुष और 28 महिला टीमें शामिल हैं।

भाषा सलीम खारी

खारी


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