‘हब एंड स्पोक’ मॉडल से सफर होगा छोटा, भारत के छोटे शहर वैश्विक अवसरों से जुड़ेंगे: मोदी

‘हब एंड स्पोक’ मॉडल से सफर होगा छोटा, भारत के छोटे शहर वैश्विक अवसरों से जुड़ेंगे: मोदी

‘हब एंड स्पोक’ मॉडल से सफर होगा छोटा, भारत के छोटे शहर वैश्विक अवसरों से जुड़ेंगे: मोदी
Modified Date: June 25, 2026 / 10:42 am IST
Published Date: June 25, 2026 10:42 am IST

वाराणसी, 25 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल यात्रियों के यात्रा समय को कम करेगा और साथ ही भारत के विभिन्न क्षेत्रों को वैश्विक अवसरों के और करीब लाएगा।

‘हब एंड स्पोक’ मॉडल के तहत पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा की शुरुआत को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए मोदी ने कहा कि बेहतर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन, निवेश, शिक्षा और व्यवसाय के नए अवसर पैदा होते हैं।

उन्होंने अपने एक संदेश में कहा, ‘‘यह मॉडल छोटे शहरों के लोगों को निर्बाध यात्रा के माध्यम से वैश्विक गंतव्यों तक पहुंचने में सक्षम बनाता है, और साथ ही वस्तुओं व सेवाओं की आवाजाही को भी बढ़ावा देता है। इससे क्षेत्रीय विकास में मदद मिलेगी और भारत की आर्थिक वृद्धि मजबूत होगी।’’

हब एंड स्पोक मॉडल का उद्देश्य टियर-दो और टियर-तीन (छोटे और मध्यम) शहरों के हवाई अड्डों को अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के साथ निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करना है।

इस मॉडल के तहत, एअर इंडिया ने बृहस्पतिवार को वाराणसी से अपनी उड़ान सेवाएं शुरू की हैं, जो यात्रियों को दिल्ली के रास्ते दुनिया के विभिन्न विदेशी शहरों से जोड़ेंगी।

यह मॉडल भारत को वैश्विक विमानन केंद्र बनाने के मकसद से तैयार किया गया है। इसके तहत छोट व मझोले शहरों के हवाई अड्डों को अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से निर्बाध रूप से जोड़ा जाएगा।

हब एंड स्पोक (एचएंडएस) मॉडल के तहत छोटे हवाई अड्डों यानी ‘स्पोक’ से यात्री बड़े हवाई अड्डों यानी ‘हब’ के जरिये अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक पहुंच सकेंगे।

इस व्यवस्था में छोटे शहरों से आने वाले यात्रियों को दिल्ली जैसे प्रमुख (हब) हवाई अड्डों के जरिये आगे की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से जोड़ा जाएगा।

इस मॉडल के तहत वाराणसी हवाई अड्डे से एअर इंडिया द्वारा संचालित की जाने वाली पहली उड़ान के उद्घाटन समारोह में नागर विमानन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने प्रधानमंत्री का यह संदेश पढ़कर सुनाया।

प्रधानमंत्री के अनुसार, इस पहल से यात्रियों के सफर का समय कम होगा, मौजूदा बुनियादी ढांचे का बेहतर उपयोग होगा, विमानों की उपयोगिता बढ़ेगी और बड़े हवाई अड्डों पर भीड़भाड़ को कम करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘सबसे महत्वपूर्ण है कि यह भारत के और अधिक क्षेत्रों को वैश्विक अवसरों के करीब लाएगा।’’

प्रधानमंत्री द्वारा हस्ताक्षरित इस संदेश को हवाई अड्डे पर प्रदर्शित भी किया गया।

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र भी है जहां से इस मॉडल के तहत उड़ान सेवाओं की शुरुआत हो रही है।

उन्होंने संदेश में कहा, ‘‘दुनिया के सबसे पुराने जीवंत शहरों में से एक और भारत की समृद्ध सभ्यतागत विरासत का प्रतीक, वाराणसी ‘विकास भी और विरासत भी’ को एक साथ आगे ले जाने के हमारे दृष्टिकोण को दर्शाता है। बेहतर कनेक्टिविटी इसकी अनूठी पहचान को सुरक्षित रखते हुए दुनिया के साथ इसके संबंधों को और मजबूत करेगी।’’

इस व्यवस्था के तहत छोटे शहरों से आने वाले यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आगे की यात्रा के लिए दिल्ली जैसे प्रमुख हवाई अड्डों के माध्यम से जोड़ा जाएगा। वहीं, इन उड़ानों से न केवल अपने गंतव्य की यात्रा शुरू करने वाले घरेलू यात्री सफर करेंगे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर आगे जाने वाले ट्रांजिट यात्री भी इनमें शामिल होंगे।

भाषा खारी रंजन

रंजन


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