विश्वविद्यालय में बाहर से आने वाले खाने की टिफिन के ज़रिए नशा सामग्री अंदर आ सकती : राज्यपाल

विश्वविद्यालय में बाहर से आने वाले खाने की टिफिन के ज़रिए नशा सामग्री अंदर आ सकती : राज्यपाल

विश्वविद्यालय में बाहर से आने वाले खाने की टिफिन के ज़रिए नशा सामग्री अंदर आ सकती : राज्यपाल
Modified Date: August 7, 2026 / 04:14 pm IST
Published Date: August 7, 2026 4:14 pm IST

गोरखपुर (उप्र) सात अगस्‍त (भाषा) उत्‍तर प्रदेश की राज्‍यपाल आनंदीबेन पटेल ने देश के युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखने के लिए चलाये जा रहे अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि यह अत्यंत चिंता का विषय है कि इस प्रकार का अभियान चलाने की आवश्यकता पड़ी।

राज्यपाल ने छात्रों के बीच खाने की सुरक्षा और नशीले पदार्थों के सेवन को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि बाहर से आने वाले टिफिन के जरिये मादक पदार्थ और नशा सामग्री आ सकती है।

उन्होंने कहा कि बृहस्‍पतिवार को दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्‍वविद्यालय के 45वें दीक्षांत समारोह के दौरान छात्रों के बीच खाने की सुरक्षा और नशीले पदार्थों के सेवन को लेकर चिंता जताई।

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे संकल्प लें कि अगले एक वर्ष के भीतर स्वयं भी नशामुक्त होंगे और दूसरों को भी नशामुक्त बनाने का प्रयास करेंगे।

उन्होंने कहा कि सभी लोग नशे के दुष्परिणाम जानते हैं, फिर भी उससे मुक्त नहीं हो पा रहे हैं, युवाओं को यह स्थिति बदलनी होगी।

राज्‍यपाल ने लड़कों के छात्रावास में भोजनालय की सुविधा न होने पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि छात्र बाहर की टिफिन सेवाओं पर निर्भर हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि टिफिन के जरिये सुरक्षा का गंभीर जोखिम हो सकता है।

पटेल ने कहा, ‘टिफिन में आने वाले खाने के साथ ड्रग्स भी आ सकते हैं। टिफिन में कुछ भी आ सकता है। इसे रोका जाना चाहिए।’

उन्होंने सुझाव दिया कि विश्‍वविद्यालय या तो अपना भोजनालय चला सकता है या छात्रों को खाना उपलब्ध कराने के लिए अधिकृत एजेंसियों को नियुक्त कर सकता है।

भाषा सं आनन्द रंजन

रंजन


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