लखनऊ, पांच जनवरी (भाषा) इस वर्ष की शुरुआत में प्रदेश के पांच जिलों में मंडल स्तरीय वृहद रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है, जिनके माध्यम से बड़ी संख्या में निजी क्षेत्र की कंपनियां लगभग एक लाख युवाओं को मौके पर ही रोजगार उपलब्ध कराएंगी। सरकार के एक बयान में यह बात कही गई।
बयान में कहा गया कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत राज्य सरकार कौशल प्रशिक्षण, उद्योग सहभागिता और रोजगार मेलों के समन्वित मॉडल के जरिए लाखों युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से काम कर रही है।
इसमें बताया गया कि सरकार की इस पहल को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2026 की शुरुआत में प्रदेश के पांच जनपदों में मंडल स्तरीय वृहद रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है। इन रोजगार मेलों के माध्यम से बड़ी संख्या में निजी क्षेत्र की कंपनियां लगभग एक लाख युवाओं को मौके पर ही रोजगार उपलब्ध कराएंगी।
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना, पलायन को रोकना और प्रदेश को एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार कौशल प्रशिक्षण को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार कर रही है, ताकि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके।
अग्रवाल ने बताया इस माह आयोजित किए जा रहे प्रत्येक रोजगार मेले में औसतन 100 कंपनियां भाग लेंगी और करीब 20 हजार युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जाएगा। इस तरह पांचों रोजगार मेलों के माध्यम से एक लाख रोजगार सृजित करने का लक्ष्य है।
सरकार के अनुसार दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के अंतर्गत आयोजित 1,624 रोजगार मेलों के माध्यम से अब तक 2.26 लाख से अधिक ग्रामीण युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है।
भाषा जफर राजकुमार वैभव
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