Ration Shop New Rules : फ्री राशन लेने वालों की अब होगी खास खातिरदारी! सरकार ने लागू किया नया नियम,लाभार्थियों को मिलेंगी ये नई सुविधाएं

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उत्तर प्रदेश सरकार ने मुफ्त राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब लाभार्थियों को राशन की दुकानों पर बैठने के लिए कुर्सियां, स्वच्छ पेयजल और स्वागत के तौर पर गुड़ या पेठा उपलब्ध कराया जाएगा। इस पूरी व्यवस्था का खर्च सरकार उठाएगी।

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  • Publish Date - July 23, 2026 / 06:21 PM IST,
    Updated On - July 23, 2026 / 09:55 PM IST

Ration Shop New Rules / Image Source : AI

HIGHLIGHTS
  • राशन दुकानों पर अब लाभार्थियों के लिए कुर्सियां और पेयजल की व्यवस्था होगी।
  • स्वागत के लिए गुड़ या पेठा भी उपलब्ध कराया जाएगा।
  • नई व्यवस्था का लाभ 3.65 करोड़ से अधिक राशन कार्डधारकों को मिलेगा।

लखनऊ: Ration Shop New Rules :  उत्तर प्रदेश सरकार ने मुफ्त राशन वितरण व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक और सम्मानजनक बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब राशन लेने आने वाले लाभार्थियों को उचित दर की दुकानों पर बैठने के लिए कुर्सियां, पीने के लिए स्वच्छ पानी और स्वागत के तौर पर गुड़ या पेठा उपलब्ध कराया जाएगा। इस व्यवस्था का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी।

3.65 करोड़ से अधिक राशन कार्डधारकों को मिलेगा लाभ

प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के तहत 3 करोड़ 65 लाख से अधिक राशन कार्डधारक हर महीने मुफ्त राशन प्राप्त करते हैं। सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई राशन दुकानों पर लाभार्थियों के लिए बैठने और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य एवं रसद विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।

कोटेदारों को मिलेगी आर्थिक सहायता

खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि राशन वितरण केंद्रों पर लाभार्थियों का सम्मानजनक तरीके से स्वागत किया जाएगा।Up Free Ration  इसके लिए कोटेदारों को अपने केंद्रों पर कुर्सियों की व्यवस्था करनी होगी, जिसका खर्च सरकार वहन करेगी। साथ ही राशन वितरण के दौरान लाभार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल और गुड़ या पेठा भी उपलब्ध कराया जाएगा।

हर साल करीब 60 करोड़ रुपये होंगे खर्च

सरकार के अनुसार, इस नई व्यवस्था पर हर वर्ष लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और जनहितैषी बनाना है, ताकि लाभार्थियों को किसी तरह की असुविधा न हो और उन्हें सम्मानपूर्वक सरकारी योजना का लाभ मिल सके।

राजनीतिक चर्चाओं के बीच सरकार का पक्ष

इस फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा है। कुछ राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सरकार की जनकल्याणकारी रणनीति के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, राज्य सरकार का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह से लाभार्थियों की सुविधा और सम्मान को ध्यान में रखकर लिया गया है।

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