लखनऊ पीठ से उच्चतम न्यायालय पहुंचने वाले दूसरे न्यायाधीश बने न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय

लखनऊ पीठ से उच्चतम न्यायालय पहुंचने वाले दूसरे न्यायाधीश बने न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय

लखनऊ पीठ से उच्चतम न्यायालय पहुंचने वाले दूसरे न्यायाधीश बने न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय
Modified Date: September 29, 2026 / 12:37 am IST
Published Date: September 29, 2026 12:37 am IST

लखनऊ, 28 सितंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय को उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त करने की कॉलेजियम की सिफारिश के साथ ही वह पिछले 25 वर्षों में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ से शीर्ष अदालत पहुंचने वाले दूसरे न्यायाधीश बन गए हैं। न्यायमूर्ति उपाध्याय की शीर्ष अदालत के लिए सिफारिश उत्तर प्रदेश और इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के लिए विशेष महत्व रखती है।

उन्होंने लखनऊ में ही अपने कानूनी और न्यायिक करियर की शुरुआत की तथा लखनऊ पीठ में 11 वर्ष से अधिक समय तक न्यायाधीश के रूप में सेवाएं दीं। अधिवक्ता रितिका सिंह सिसोदिया ने कहा, ‘‘न्यायमूर्ति उपाध्याय पिछले 25 वर्षों में लखनऊ पीठ से उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत होने वाले दूसरे न्यायिक अधिकारी हैं।

उनसे पहले न्यायमूर्ति बृजेश कुमार को वर्ष 2000 में उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।’’

दिल्ली उच्च न्यायालय की वेबसाइट के अनुसार, न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय का जन्म 16 जून 1965 को उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले के मुस्कराई गांव में हुआ था।

उन्होंने 1991 में लखनऊ विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की और 11 मई 1991 को अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया।

उन्होंने अपने पिता आर.ए. उपाध्याय के चैंबर से वकालत शुरू की।

इसके अलावा उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ताओं मोहम्मद आरिफ खान और एस.के. कालिया के साथ भी काम किया।

न्यायमूर्ति उपाध्याय ने मुख्य रूप से इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में दीवानी और संवैधानिक मामलों की पैरवी की।

मई 2007 में उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार का मुख्य स्थायी अधिवक्ता नियुक्त किया गया।

नवंबर 2011 में उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने तक उन्होंने इस पद पर सेवाएं दीं।

उन्होंने 21 नवंबर 2011 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। 28 मार्च 2023 को उन्हें लखनऊ पीठ का वरिष्ठ न्यायाधीश बनाया गया।

इसके बाद 29 जुलाई 2023 को उन्होंने बंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।

जनवरी 2025 में न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय दिल्ली उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया और उन्होंने 21 जनवरी 2025 को पद की शपथ ली।

उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम ने सोमवार को तीन उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को शीर्ष अदालत का न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की।

इनमें गुजरात उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल और तेलंगाना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह भी शामिल हैं।

यह सिफारिश सोमवार को हुई कॉलेजियम की बैठक में की गई।

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के अलावा न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना, न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा बैठक में शामिल थे।

कॉलेजियम की सिफारिश पर अब उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे कार्रवाई की जाएगी।

भाषा सं. सलीम जितेंद्र

जितेंद्र


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