Uttar Pradesh News: योगी सरकार की नवाचारी पहल, 1235 पीएम श्री विद्यालयों को मिलेंगे ब्लूटूथ स्पीकर, नौनिहालों को लर्निंग में मिलेगी मदद

योगी सरकार की नवाचारी पहल, 1235 पीएम श्री विद्यालयों को मिलेंगे ब्लूटूथ स्पीकर, 1235 PM Shri schools will get Bluetooth speakers

Uttar Pradesh News: योगी सरकार की नवाचारी पहल, 1235 पीएम श्री विद्यालयों को मिलेंगे ब्लूटूथ स्पीकर, नौनिहालों को लर्निंग में मिलेगी मदद
Modified Date: September 28, 2026 / 10:28 pm IST
Published Date: September 28, 2026 10:27 pm IST

लखनऊ: Uttar Pradesh News: योगी सरकार प्रदेश के नौनिहालों की प्रारंभिक शिक्षा को अधिक रोचक, सहज और गतिविधि आधारित बनाने की दिशा में एक और पहल करने जा रही है। 1,235 पीएम श्री विद्यालयों में स्थित को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों/ बालवाटिकाओं के लिए ब्लूटूथ स्पीकर उपलब्ध कराने हेतु ₹61.75 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। प्रत्येक विद्यालय को अधिकतम ₹5,000 की सीमा में ब्लूटूथ स्पीकर उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उपयोग विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के साथ कहानी, कविता, गीत, पहेली आदि गतिविधियों में किया जाएगा, ताकि बच्चों की मौखिक अभिव्यक्ति, सुनने और सीखने की प्रवृत्ति को गतिविधियों के माध्यम से विकसित किया जा सके। इसकी गुणवत्ता और उपयोगिता की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गये हैं।

खेल, कहानी और गीत से मजबूत होगी सीखने की बुनियाद

Uttar Pradesh News: राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा को विशेष महत्व दिया गया है। इसी दृष्टि से 3-6 वर्ष के बच्चों में मौखिक भाषा विकास, पर्यावरण से जुड़ाव, संवेदनात्मक एवं सामाजिक विकास के लिए कहानी, कविता, गीत और पहेली जैसी गतिविधियों को उपयोगी माध्यम के रूप में अपनाया जा रहा है। पीएम श्री विद्यालय परिसरों में संचालित को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में ब्लूटूथ स्पीकर उपलब्ध होने से इन गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा। आदेश के अनुसार स्पीकर का उपयोग बच्चों के साथ ऐसी गतिविधियों में किया जाएगा, जिससे उनमें सुनने, बोलने और अपनी भावनाओं को व्यक्त करने की प्रवृत्ति का विकास हो। बता दें कि प्रदेश के 1,235 पीएम श्री विद्यालयों में स्थित को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों/ बालवाटिकाओं में एक-एक ब्लूटूथ स्पीकर की खरीद के लिए प्रति विद्यालय अधिकतम ₹5,000 की धनराशि अनुमन्य की गई है। इसके लिए कुल ₹61.75 लाख की धनराशि एसएनए स्पर्श के अंतर्गत जारी की गई है।

ब्लूटूथ स्पीकर में होंगे उपयोगी तकनीकी फीचर

स्पीकर की खरीद के लिए निर्धारित नमूना विनिर्देशों में 30 वाट या उससे अधिक पावर, ब्लूटूथ 5.3 या उच्चतर, कम से कम 10 मीटर कनेक्टिविटी रेंज, डुअल 5.2 या उच्चतर ड्राइवर और रिचार्जेबल बैटरी का प्रावधान है। बैटरी बैकअप कम से कम तीन घंटे तथा बैटरी क्षमता 2,000 mAh या अधिक निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त टाइप-C चार्जिंग पोर्ट, चार घंटे या उससे कम में चार्जिंग सपोर्ट, वायरलेस अथवा वायर्ड माइक्रोफोन इनपुट, वॉल्यूम कंट्रोल एवं प्लेबैक कंट्रोल जैसी सुविधाएं भी निर्धारित विनिर्देशों में शामिल हैं। शासन के निर्देशों के अनुसार ब्लूटूथ स्पीकर का उपयोग प्रत्येक शनिवार को को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्र/बालवाटिका में 3-6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के साथ किया जाएगा। इसके माध्यम से मॉडल शिक्षक/ आंगनवाड़ी कार्यकत्री/ ईसीसीई एजुकेटर बच्चों को कहानी, कविता, गीत और पहेली जैसी गतिविधियों से जोड़ेंगे।

जिम्मेदारों ने कही ये बड़ी बात

बेसिक शिक्षा विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि बच्चों की शुरुआती सीखने की प्रक्रिया जितनी सहज, रोचक और गतिविधि आधारित होगी, उनकी सीखने की नींव उतनी ही मजबूत होगी। पीएम श्री विद्यालयों के को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में ब्लूटूथ स्पीकर की सुविधा से कहानी, कविता, गीत और पहेली जैसी गतिविधियों को और प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी। हमारा प्रयास है कि नौनिहाल सीखने को आनंद के साथ अनुभव करें और अपनी अभिव्यक्ति की क्षमता को विकसित करें। स्कूल शिक्षा विभाग के महानिदेशक मोनिका रानी ने कहा कि ब्लूटूथ स्पीकर के माध्यम से निर्धारित गतिविधियों का नियमित संचालन बच्चों के लिए सीखने को अधिक संवादात्मक और आनंददायक बनाएगा। सामग्री की गुणवत्ता, उपलब्धता और प्रभावी उपयोग की निगरानी के लिए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर स्पष्ट व्यवस्था की गई है।


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।